विश्व स्वास्थ्य संगठन

दुनिया में जारी कोरोना के कहर के बीच रूस ने दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन बना लेने का ऐलान कर दिया है। हालांकि, डब्ल्यूएचओ ने इसे खतरनाक बताया है।

दुनिया में जारी कोरोना के कहर के बीच रूस ने दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन बना लेने का ऐलान कर दिया है। रूस के बाद ऐसी ही एक और अच्छी खबर अब चीन से भी आ सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि गुटखा और सिगरेट का सेवन करने वालों को कोरोना संक्रमण होने का खतरा ज्यादा रहता है। खैनी, गुटखा खाने वाले लोग कई गैरसंचारी रोगों के भी आसानी से शिकार बन जाते हैं।

दुनिया भर में कोरोनावायरस ने कहर मचा रखा है। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि दुनियाभर में 6 वैक्सीन का काम तीसरे पेज में पहुंच गया है।

दुनियाभर में कोरोना के कहर के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक और चेतावनी जारी की है। जिसके मुताबिक जरूरी नहीं कि एक वैक्सीन से कोरोना खत्म हो जाए।

दुनियाभर में कोरोना वायरस के संक्रमण से लड़ने के खिलाफ अब कई वैक्सीन कंपनियों का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। दावा किया जा रहा है कि अगर सबकुछ सही रहा तो अगस्त के आखिर तक कोरोना वैक्सीन उपलब्ध हो सकती है।

दुनियाभर में कोरोना का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। विश्व में नोवल कोरोनोवायरस मामलों की कुल संख्या 1.72 करोड़ का आंकड़ा पार कर गई है। ऐसे में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस घातक महामारी को लेकर नई चेतावनी दी है।

इन चार देशों की इस पहली बैठक में वांग ने इस महामारी का मिल कर मुकाबला करने पर सहमति को मजबूत करने, कोरोनावायरस संकट के राजनीतिकरण से बचने और वैश्विक स्वास्थ्य समुदाय का संयुक्त रूप निर्माण करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन को उसकी भूमिका निभाने में उसका दृढता से समर्थन करने समेत चार सूत्री कार्ययोजना का प्रस्ताव रखा।

जेनबर्कट फार्मास्युटिकल्स ने एक बयान में कहा कि इस दवा का निर्माण तेलंगाना के एक फार्मास्युटिकल प्लांट में किया गया। गुरुवार को फार्मा कंपनी ब्रिंटन फार्मास्युटिकल्स ने कहा था कि वह 'फवीटन' ब्रांड के नाम से फेविपिरविर को अधिकतम खुदरा मूल्य 59 रुपये प्रति टैबलेट के तहत बेचेगी।

क्या मच्छर कोरोनावायरस को ले जाते हैं और क्या वे इसे इंसानों तक पहुंचा सकते हैं? इन सवालों का जबाव शायद न में है। इस बारे में एक नए अध्ययन में खुलासा हुआ है।