विश्व स्वास्थ्य संगठन

डब्ल्यूएचओ के एक सर्वे के अनुसार 73 देशों ने चेताया है कि कोविड-19 महामारी के कारण उनके यहां एड्स की जीवनरक्षक दवाओं का स्टॉक ख़त्म होने वाला है। वहीं, 24 देशों ने कहा कि उनके यहां एड्स की ज़रूरी दवाएं या तो बहुत कम हैं या उनकी सप्लाई बुरी तरह बाधित हुई है।

एक तरफ दुनियाभर में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे है। ऐसे में इस महामारी को लेकर एक और दवा किया जा रहा है। एक बार फिर विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO सवालों के घेरों में आ गया है। बता दें कि 32 देशों के 239 वैज्ञानिकों ने कोविड-19 को लेकर एक ओपन लेटर लिखा है, जिसमें WHO पर भी सवाल उठाए गए हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना से बुरी तरह प्रभावित देशों से आग्रह किया है कि वे जागें और वायरस के प्रसार को 'नियंत्रित' करने के लिए काम करें। डब्ल्यूएचओ के इमरजेंसी डायरेक्टर माइकल रयान ने ये कहा।

इस समय पूरी दुनिया कोरोनावायरस जैसी घातक महामारी का प्रकोप झेल रही है। ऐसा कहा जा रहा है कि ये वायरस चीन से फैला है। इसी का पता करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन जल्द ही अपनी एक टीम चीन भेजेगी जहां ये टीम पता करेगी कि कोरोनावायरस आखिर आया कहां से है।

भारत के सबसे प्रसिद्ध फैशन टेक्सटाइल ब्रांड्स में से एक सियाराम ने एंटी-कोरोना फैब्रिक लॉन्च किया है।कंपनी ने एंटी कोरोना वायरस फैब्रिक को डिफरेंट डिजाइन, कलर्स और टेक्सचर में लॉन्च किया है।

कोरोना प्रकोप के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक राहत की खबर दी है। डब्ल्यूएचओ ने शुक्रवार को कहा कि एक साल के अंदर कोरोना की वैक्सीन आ सकती है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक यूके स्थित एस्ट्राजेनेका कंपनी वैक्सीन की दौड़ में आगे है।

भारत में कोरोनावायरस (कोविड-19) मामलों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। देश में सोमवार को कोरोना के मामलों की संख्या 4,25,282 तक पहुंच गई है और पिछले 24 घंटों के दौरान 14,821 नए मामले दर्ज किए गए हैं।

WHO के इमरजेंसी चीफ डॉक्टर माइकल रेयान ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र हेल्थ एजेंसी भी बीजिंग में संक्रमण फैलने के मुद्दे पर लगातार चीन के संपर्क में हैं। अगर चीन को किसी भी मदद की ज़रुरत पड़ेगी तो WHO की टीम भी भेजी जा सकती है।

कोरोना महामारी से विश्व अशांत है। विश्व मानवता पर व्यथित है। दुनिया भयग्रस्त है। मृत्यु सामने है। चिकित्सा विज्ञान के सामने अभूतपूर्व चुनौती है। यहां तक की विश्व स्वास्थ्य संगठन भी संकट में है और अशांत है। 

भारत की बात की जाए तो आयुष्मान भारत योजना का ज्यादा से ज्यादा लोगों तक फायदा पहुंचाने से भारत सरकार कोविड-19 की लड़ाई में अहम योगदान दे सकता है।