वैक्सीन

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने कोरोना वायरस वैक्सीन के 10 करोड़ खुराक के उत्पादन के लिए बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन और गावी से भी करार किया है।

सीनोवैक बायोटेक कंपनी ने अपने तीसरे चरण के परीक्षण को ब्राजील में संचालन करने के लिए इस महीने बुट्टान इंस्टिट्यूट के साथ साझेदारी का ऐलान किया है।

कोरोना संकट के बीच एक खुशखबरी सामने आ रही है। बता दें कि कोरोना के लिए काल बन कर एक वैक्सीन सामने आ रही है जिसके निर्माण में भारत की ये कंपनी अहम भूमिका निभा रही है।

इसकी आपूर्ति को लेकर पास्कल सोरियट ने कहा, यूरोप में यूरोपीय कमीशन और यूरोप के अन्य देशों के साथ मिलकर काम करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पूरे यूरोप में वैक्सीन की आपूर्ति हो।

ब्रिटिश फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca), ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर सितंबर माह तक 2 बिलियन कोरोना वैक्सीन का उत्पादन करने की योजना बना रही है।

इस समय पूरी दुनिया कोरोनावायरस से जंग लड़ रही है। ऐसे में दुनिया के लिए अच्‍छी खबर है। चीन की कोरोना वायरस वैक्‍सीन Ad5 का 108 वॉलंटिअर्स पर इंसानी परीक्षण अब पूरा हो गया है।

विजय राघवन ने बताया कि साधारण तौर पर कोई भी वैक्सीन बनाने के लिए 10-15 साल और 20-30 करोड़ ड़ॉलर लगते हैं। कोरोना वायरस को देखते हुए दुनिया 10 साल के काम को एक साल में पूरा करने की कोशिश में है

अमेरिका में भारतीय राजदूत टीएस संधू ने रविवार को कहा कि कोरोनावायरस संकट ने अमेरिका को दिखाया कि ऐसे समय में दुनिया में भारत से बड़ा साझेदार कोई नहीं है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो इस महामारी की रोकथाम के लिए फिलहाल दुनिया की 102 संस्थाएं वैक्सीन खोजने में जुटी हुई हैं।

वैसे इस बात की अभी पुष्टि नहीं हुई है कि कौन सी वैक्सीन इस वायरस को मात देने में सफल होगी। दुनियाभर के वैज्ञानिक इस महामारी का इलाज खोजने में भले ही लगे हों लेकिन ये कहना मुश्किल है कि इससे निजात कबतक मिलेगा।