शरद पवार

कंगना रनौत (Kangana Ranaut) को शिवसेना (Shivsena) की तरफ से जमकर धमकी दी जाने लगी है। शिवसेना समेत सभी साथी दल के नेता एक-एक कर कंगना पर जुबानी वार कर रहे हैं।

महाराष्ट्र (Maharashtra) में राजनीतिक सरगर्मी तेज है। सरकार के खिलाफ फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने आवाज उठाई तो उसके नए नवेले दफ्तर पर बीएमसी (BMC) का बुलडोजर चल गया।

बॉलीवुड (Bollywood) के दिवगंत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट (SC) ने सीबीआई (CBI) जांच को मंजूरी दी। जिसके बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) चीफ शरद पवार (Sharad Pawar) का बड़ा बयान सामने आया है।

शरद पवार ने आगे कहा, ''यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली, लेकिन इसकी इतनी चर्चा क्यों हो रही है? मुझे नहीं लगता कि यह इतना बड़ा मुद्दा है। एक किसान ने मुझे बताया कि 20 से अधिक किसानों ने आत्महत्या की है, किसी ने इस बारे में बात नहीं की।''

सरकार के अंदर बीते दिनों खींचतान की खबरें आने के बाद सियासी गलियारे में यह अटकलें लग रहीं थीं कि कहीं शरद पवार की पार्टी बीजेपी के साथ जाने का फैसला न कर लें।

शरद पवार से पूछा गया कि महाराष्ट्र की मौजूदा सरकार के आप हेडमास्टर हैं या रिमोट कंट्रोल तो उन्होंने जवाब में कहा कि, "दोनों में से कोई नहीं। हेडमास्टर तो स्कूल में होना चाहिए। लोकतंत्र में सरकार या प्रशासन कभी रिमोट से नहीं चलता। रिमोट कहां चलता है? जहां लोकतंत्र नहीं है वहां।

महाराष्ट्र सरकार में शिवसेना के सहयोगी दल एनसीपी ने भी प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपना समर्थन जताया। इसके साथ ही एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने चीन के सामने सैनिकों को निहत्थे भेजे जाने के राहुल गांधी के सवाल पर उन्हें आईना भी दिखाया।

महाराष्ट्र में शिवसेना नीत महाराष्ट्र विकास आघाडी सरकार में तनाव के संकेत दिख रहे हैं, जहां गठबंधन की तीन सहयोगियों में से एक कांग्रेस, प्रमुख निर्णय लेने की प्रक्रिया और महत्वपूर्ण बैठकों में खुद को शामिल कराने का प्रयास कर रही है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार के नई दिल्ली स्थित आधिकारिक आवास से सुरक्षा हटाए जाने को बदले की राजनीति करार देते हुए राकांपा और शिवसेना ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

महाराष्ट्र में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन की सरकार गठन के बाद विभागों के बंटवारे में एक महीने के लगभग का समय लग गया।