शास्त्र

भारतीय हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख मास सृष्टि की शुरुआत के पंद्रह दिन बाद शुरू होता है। यह पवित्र महीना व्यक्ति को व्यक्ति से समुदाय में उन्मुख होने के लिए प्रेरित करता है। पुराणों में इस महीने को जप, तप, दान का महीना कहा गया है।

चाहे आपको ज्योतिष का ज्ञान हो या न हो, अपने भाग्य की स्थिति का ज्ञान तो हर व्यक्ति को होता है। अब यदि दुर्भाग्य पीछा न छोड़ रहा हो तो क्या ऐसा करें कि दुर्भाग्य सौभाग्य में बदल जाए।

ऋग्वेद की इस अनुभूति का विस्तार अथर्ववेद में भूमि सूक्त है। यहां पृथ्वी हमारी माता है हम सब इसके पुत्र हैं - पुत्रो अहम् पृथित्याः। ऋग्वेद की इसी प्रेरणा से गंगा यमुना आदि नदियां माता हैं।

भारतीय समाज में कुलदेवता या कुलदेवी का अपना अलग ही महत्व है। लोग भगवान के पूजन-अर्चना के अलावा विशेष कर अपने कुलदेवता या कुलदेवी की पूजा करते है।

रुद्राक्ष के विषय में उसके गुणों को देखकर उनके महत्व को परिभाषित किया जाता है। रुद्राक्ष को आध्यात्मिक रुप में अधिक उपयोग में लाया जाता है।