शाहीन बाग

Supreme Court on Shaheen Bagh: बता दें कि अब कोर्ट(Supreme Court) ने साफ कर दिया है कि प्रशासन को रास्ता जाम(Road Block) कर प्रदर्शन रहे लोगों को हटाना चाहिए, कोर्ट के आदेश का इंतजार नही करना चाहिए।

Delhi Riots: इस पूरी साजिश को अंजाम दिलाने में पिंजरा तोड़ ग्रुप की तरफ से की गई मदद के बारे में भी चार्जशीट(Chargesheet) में लिखा गया है। चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि कैसे जहांगीरपुरी(Jahangir Puri) से 300 महिलाओं को पहले शाहीन बाग(Shaeen Bagh) धरने के लिए ले जाया जा रहा था

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ शाहीन बाग (Shaheen Bagh) में सरकार का पुरजोर विरोध करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता शहजाद अली (Social Activist Shahzad Ali ) रविवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए।

दिल्ली हिंसा के बाद से आए दिन इस मामले को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं। दिल्ली पुलिस की तरफ से हाल ही में ताहिर हुसैन के बयान को सबके सामने लाया गया था।

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने दिल्ली हाईकोर्ट में जवाब दाखिल कर कहा था कि उसे शरजील इमाम के खिलाफ जांच के लिए और समय की जरूरत है।

दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज में मौजूद हजारों लोगों की उपस्थिती को दिल्ली के विभिन्न इलाकों में चल रहे सीएए विरोधी धरनों से जोड़ कर देखा जा रहा है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद एक युवक की पहचान भी कर ली है।

कोरोना पॉजिटिव तबरेज शाहीन बाग के प्रोटेस्ट में भी शामिल होने जाता था। टेस्ट के बाद वो कोरोना संक्रमित पाया गया है। उसके साथ उसकी मां भी कोरोना संक्रमित हो गई है। जानकारी के मुताबकि दोनों मां-बेटे 10 मार्च को दिलशाद गार्डन में सऊदी अरब से आई अपनी बहन से मिलने गए थे। वहीं से दोनों मां बेटे कोरोना की चपेट में आ गए। 

पुलिस ने मंगलवार सुबह प्रदर्शन स्थल को पूरी तरह से खाली करवा लिया है। इसके अलावा वहां प्रदर्शन के दौरान लगाए गए टेंट को भी हटा दिया गया है। साथ ही नोएडा-कालिंदी कुंज सड़क को भी खाली करा लिया गया है।

सीएए-एनआरसी के खिलाफ पिछले कई हफ्तों से शाहीन बाग की महिलाएं सभी सावधानियां बरतते हुए लगातार प्रदर्शन कर रही हैं। लेकिन वहां भी कोरोनावायरस के एक पॉजिटीव मामले के आने के बाद से ही हड़कंप मचा हुआ है लेकिन फिर भी वहां अभी भी महिलाएं प्रदर्शन कर रही हैं।

पिछले करीब तीन महीने से लगातार शाहीनबाग आ रहीं फौजिया ने कहा, प्रधानमंत्री एक दिन के जनता कर्फ्यू की बात कर रहे हैं, हम लोग तो यहां पिछले तीन महीने से सब कुछ छोड़ कर बैठे हैं।