शिवसेना

मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने राज्य में हालिया राजनीतिक घटनाक्रम को लोगों का अपमान बताया। साथ ही पूर्ववर्ती भाजपा-शिवसेना गठबंधन पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि शिवसेना और भाजपा ने जनता की भावनाओं का अपमान किया है।

मनसे प्रमुख ने पुणे में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, "शिवसेना-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जनता की भावनाओं का अपमान किया है। सेना का राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा)-कांग्रेस से हाथ मिलाना सही नहीं है।"

विपक्ष की राष्ट्रपति से मुलाकात से अपनी पार्टी को अलग करते हुए शिवसेना के सांसद संजय राउत का कहना है कि मुझे इस बारे में नहीं पता। उन्होंने कहा, 'मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता है। शिवसेना इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं है।'

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए माायावती ने एक से ज्यादा ट्वीट कर डाले। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि, "शिवसेना अपने मूल एजेण्डे पर अभी भी कायम है, इसलिए इन्होंने नागरिकता संशोधन बिल पर केन्द्र सरकार का साथ दिया और अब सावरकर को भी लेकर इनको कांग्रेस का रवैया बर्दाश्त नहीं है।"

सूत्रों के मुताबिक सावरकर पर राहुल गांधी के बयान पर उद्धव कांग्रेस आलाकमान से बात करेंगे। उद्धव का कहना है कि ऐसे बयानों से बचा जाए जो गठबंधन में मुद्दा बने। इसके अलावा बीजेपी ने भी वीर सावरकर को लेकर बयान देने पर राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है।

एक तरफ जहां राहुल गांधी द्वारा वीर सावरकर पर दिए गए बयान को लेकर शिवसेना कांग्रेस पर हमलावर है वहीं अब राहुल गांधी के इस बयान पर वीर सावरकर के पौत्र रंजीत सावरकर ने भी जमकर उनको लताड़ लगाई और जवाहरलाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी तक पर निशाना साधा।

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने यहां शनिवार को कहा कि अगर शिवसेना को अपने सहयोगी कांग्रेस व राकांपा के साथ नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लागू करने में समस्याओं का सामना करना पड़ा, तो वह महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ कोई भी राजनीतिक समझौता करने के लिए तैयार है।

शिवसेना नेता संजय राउत ने शनिवार को कहा कि वीर सावरकर न केवल महाराष्ट्र बल्कि देश के भी देवता हैं।

शिवसेना के हिस्से में शहरी विकास और पर्यावरण मंत्रालय, कांग्रेस को उच्च और तकनीकी शिक्षा, स्कूल और चिकित्सा शिक्षा, महिला बाल विकास विभाग मिला है। गठबंधन की इस सरकार में अहम पार्टी एनसीपी को ग्रामीण विकास भी मिला है।

संजय राउत ने कहा कि इस देश से घुसपैठियों को बाहर निकलाना चाहिए, पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों का हनन हुआ है. जिन लाखों-करोड़ों को यहां पर ला रहे हैं, तो क्या उन्हें वोटिंग का हक मिलेगा अगर इन्हें 20-25 साल वोटिंग का हक नहीं मिलता है तो बैलेंस रहेगा।