शिवसेना

आज के ही दिन शिवसेना की स्थापना स्वर्गीय बाला साहेब ठाकरे ने की थी। कोरोना महामारी की वजह से 54वें स्थापना दिवस को नहीं मनाने का फैसला लिया गया।

राज्‍य सरकार में कैबिनेट मंत्री अशोक चव्हाण का कहना है कि राज्‍य सरकार उनकी अवहेलना कर रही है और उन्‍हें उनका जायज हक नहीं मिल पा रहा है। चव्हाण का कहना है कि सरकार में बहुत सी चीजें ठीक नहीं चल रही है, जिसके बारे में हम मुख्‍यमंत्री जी से बात करना चाहते हैं।

इसी कड़ी में सत्ताधारी शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए गठबंधन की साझीदार कांग्रेस पर तंज कसा है। इतना ही नहीं कांग्रेस के मंत्रियों थोराट और अशोक चव्हाण के हालिया बयानों को लेकर पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा है कि पुरानी खाट क्‍यों शोर मचा रही है?

महाराष्ट्र में शिवसेना नीत महाराष्ट्र विकास आघाडी सरकार में तनाव के संकेत दिख रहे हैं, जहां गठबंधन की तीन सहयोगियों में से एक कांग्रेस, प्रमुख निर्णय लेने की प्रक्रिया और महत्वपूर्ण बैठकों में खुद को शामिल कराने का प्रयास कर रही है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर जिले के पगोना गांव स्थित एक शिव मंदिर के भीतर दो संतों की हत्या कर दी गई। जब लोग मंगलवार सुबह मंदिर पहुंचे और खून से लथपथ शवों को देखा, तब उन्हें हत्याकांड का पता चला। खबरों के मुताबिक, मृतकों की पहचान जगनदास (55) और सेवादास (35) के रूप में हुई है।

महाराष्ट्र के पालघर में दो साधु समेत तीन लोगों की हुई मॉब लिंचिंग के मामले में एफआईआर दर्ज कर 110 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

एक तरफ योगी ने जहां प्रदेश में लॉकडाउन को सफलता पूर्वक लागू करवाने एवं गरीब कल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर पहुंचाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की अध्यक्षता 11 कमेटियों का गठन किया।

शिवसेना की तरफ से प्रियंका चतुर्वेदी को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाए जाने की घोषणा की गई। इसके बाद प्रियंका ने अपना नामांकन दाखिल किया।

शिवसेना नेता संजय राउत ने एक बयान में कहा है कि ज्योतिरादित्य पॉपुलर नेता हैं उन्होंने काफी मेहनत की थी उनका उचित सम्मान होता तो आज कमलनाथ सरकार खतरे में नही आती।

महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की जबसे सरकार बनी है, तभी से तीनों पार्टियों के बीच मतभेद की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। अब एक बार फिर महाराष्ट्र में महाविकास अगाड़ी गठबंधन में अनबन की सुगबुगाहट तेज है।