शी जिनपिंग

China-Bangladesh: अमेरिका(America) को भारत(India) की तरफ से ये बताया गया है कि शेख हसीना(Sheikh Hasina) के नेतृत्व में बांग्लादेश तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। चीन, बांग्लादेश में निवेश बढ़ा रहा है। बांग्लादेश अपनी रक्षा ज़रूरतों का 80 फीसदी हिस्सा उससे खरीद रहा है।

India-China: भारत(India) के सामने लद्दाख(Laddakh) सीमा मामले में चीन की एक नहीं चली, ऐसे में अब चीन पाकिस्तान(Pakistan) की मदद कर भारत के खिलाफ अपने नापाक इरादे जाहिर कर रहा है।

China-India : भारत(India) के साथ रिश्तों को और मजबूत करने के लिए रेनॉल्ड्स ने कहा कि हाल ही में हिंद महासागर(Hind Mahasagar) में किए गए नौसेना(Navy) के संयुक्त अभ्यास व्यापक रणनीतिक भागीदारी के रूप में दोनों देशों के मजबूत संबंधों को दर्शाते हैं।

India-Nepal : जिस तरह से चीन(China) नेपाल(Nepal) पर हमेशा रहमों-करम करता रहता है ऐसे में नेपाल ने संयुक्त राष्ट्र(United Nation) में चीन का पक्ष लेने की बजाय अपने सभी पड़ोसियों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखने की बात कही, वो भी चीन को बहुत ज्यादा रास नहीं आएगा।

चीन (China) के मानवाधिकार (Human rights activist) टेंग बियाओ (Teng Biao) ने पूरी दुनिया के सामने अपने देश की पोल खोली है। उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) और कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

शुक्रवार को दक्षिणी प्रांत हैनान (Southern Province Hainan) में चीनी और पाकिस्तानी (China-PAk) विदेश मंत्रियों की दूसरी रणनीतिक वार्ता हुई जिस में कश्मीर मुद्दा (Kashmir Topic) शामिल रहा। कुरैशी ने अपने चीनी समकक्ष वांग यी को भारतीय राज्य में स्थिति के बारे में अपने देश की चिंताओं की जानकारी दी। इसके जवाब में चीन ने कहा कि वह किसी भी "एकतरफा" कार्रवाई का विरोध करता है।

सेंट्रल पार्टी स्कूल की पूर्व प्रोफेसर ने शी जिनपिंग(Xi Jinping) पर आरोप लगाया है कि उनकी नीतियां देश को खत्म कर रही हैं। चीन के राष्ट्रपति(China President) सेंट्रल पार्टी स्कूल के अध्यक्ष होते हैं. ऐसे में इसी स्कूल की प्रोफेसर का राष्ट्रपति की आलोचना करना काफी अहम है।

ट्रंप ने कहा, ''हांगकांग के साथ मेनलैंड चाइना वाला बर्ताव नहीं किया जा सकता है। कोई स्पेशल प्रिवलेज नहीं, कोई स्पेशल आर्थिक व्यवहार नहीं और किसी संवेदनशील टेक्नॉलजी का निर्यात नहीं।''

शुक्रवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा था कि उनकी टीम कोरोना वायरस की उत्पति के बारे में पता लगाने के लिए चीन रवाना हो गई है।

इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट में भले ही इसके लेकर मामला दर्ज कराया गया हो लेकिन संदेह ही है कि चालबाज चीन इस कोर्ट के अधिकार क्षेत्र को मानेगा और शायद ही जांच के लिए तैयार होगा।