शेहला रशीद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया में महामारी बन चुके कोरोनावायरस पर गुरुवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में जहां देशवासियों को इसके खतरों से आगाह किया, वहीं बचने के लिए तमाम अहम सुझाव दिए।

शेहला रशीद इससे पहले भी नरेंद्र मोदी सरकार को लेकर कई बार आपत्तिजनक टिप्पणी कर चुकी हैं। वहीं सेना के खिलाफ किए गए उनके ट्वीट की वजह से भी उनपर मामला दर्ज हो चुका है।

जवाहरलाल यूनिवर्सिटी की पूर्व छात्रा और राजनीति में सक्रिय रहने वाली शेहला रशीद का कुछ समय में ही राजनीति से मोहभंग हो गया है और उन्होंने खुद को चुनावी राजनीति से अलग करने का फैसला किया है।

दरअसल, सेना पर विवादित टिप्पणी के बाद शेहला पर देशद्रोह के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद शेहला पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी। अब कोर्ट ने शेहला को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण दिया है।

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) की पूर्व छात्रा शेहला रशीद पर सेना के खिलाफ अफवाह फैलाने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर लिया है।

शेहला रशीद ने अपने ट्वीट में लिखा है कि आर्मी ने लोगों को जय हिंद और वंदे मातरम कहने पर मजबूर किया। जब एक व्यक्ति ने इसकी जगह इस्लामी कलमा पढ़ना शुरु कर दिया तो आर्मी ने उसे सड़क की धूल चटा दी।