श्रमिक ट्रेन

राहुल के इस बयान पर अब केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने खुद मोर्चा संभाला लिया है। उन्होंने ट्विटर के जरिए राहुल पर पलटवार करते हुए करारा जवाब दिया है।

रेलवे को किराए से सर्वाधिक राजस्व गुजरात, महाराष्ट्र और तमिनाडु से क्रमश: 102 करोड़, 85 करोड़ और 34 करोड़ रुपए मिले। श्रमिकों का किराया सरकारों ने वहन किया।

इस पर ट्वीट करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "बीमारी के ‘बादल’ छाए हैं, लोग मुसीबत में हैं, बेनिफिट ले सकते हैं-आपदा को मुनाफे में बदल कर कमा रही है गरीब विरोधी सरकार।"

भारतीय रेलवे ने रविवार को दावा किया कि उसने 2,813 श्रमिक विशेष ट्रेनें चलाई हैं, जिससे अब तक 37 लाख से अधिक यात्रियों को भेजा गया है।

इंडियन रेलवे ने लोगों को उनकी जगह पर पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं। रेलवे के मुताबिक 1 मई से लेकर अब तक 1,414 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गई हैं।

दक्षिण मध्य रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “श्रमिक विशेष रेलगाड़ी आज सुबह बिहार में खगड़िया के लिए रवाना हुई। ट्रेन में सवार होने से पहले सभी यात्रियों की जांच की गई।”

देश के अलग-अलग राज्यों में फंसे मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए भारतीय रेल ने जो श्रमिक स्पेशल गाड़ियां चलाई हैं उनमें मजदूरों से किसी तरह का किराया नहीं वसूला जा रहा है। खुद भारतीय रेलवे ये यह सफाई दी है।

रेलवे स्टेशन पर पुलिस की भारी तैनाती के बीच 17 कोच वाली ट्रेन शनिवार सुबह नासिक से रवाना हुई और झांसी व कानपुर में इसने पड़ाव डाला। यात्रियों को बसों के माध्यम से उनके गंतव्य तक भेजा जा रहा है।

देश के अलग-अलग राज्यों में कोरोना वायरस के चलते लागू देशव्यापी लॉकडाउन में फंसे लोगों को उनके घर भेजने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गई हैं।

श्रमिक ट्रेनों को केन्द्र से हरी झंडी मिलने के बाद शनिवार से प्रदेश से पांच विशेष ट्रेनें रोजाना संचालित होंगी। हर ट्रेन में 1188 लोगों के आने-जाने की सुविधा रहेगी।