श्रीनगर

अधिकारी ने जानकारी दी कि, मरने वाले बुजुर्ग के संपर्क में आने वाले 4 लोग भी संक्रमित हुए हैं। बता दें कि श्रीनगर के हैदरपुरा इलाके के 65 वर्षीय शख्स की बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस से मौत हो गई। जम्मू कश्मीर में इस संक्रमण से मौत का यह पहला मामला है।

सूत्रों के मुताबिक, मोटरसाइकिल सवार आतंकवादियों ने सीआरपीएफ गश्ती दल पर गोलीबारी की, जिस वजह से एक जवान शहीद हो गया। वहीं सीआरपीएफ ने जवाबी गोलीबारी में दोनों आतंकवादियों को मार गिराया।

इस हमले के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके को सील कर दिया है। यहां से गुजरने वाले वाहनों की तलाशी ली जा रही है। पुलिस और सीआरपीएफ ने आतंकियों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

पूर्व भाजपा नेता यशवंत सिन्हा की अगुवाई वाले पांच सदस्यीय दल को जम्मू एवं कश्मीर के अधिकारियों ने शनिवार को श्रीनगर से बाहर दूसरे इलाकों में जाने से यह कहकर रोक दिया गया कि वे जिन इलाकों में जाना चाहते हैं

कश्मीर घाटी में शहर के बीचोबीच लाल चौक के पास व्यस्त अमीरा कदल इलाके में आतंकवादियों द्वारा ग्रेनेड फेंके जाने से सोमवार को एक नागरिक की मौत हो गई और एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी।

जम्मू-कश्मीर के दौरे पर श्रीनगर पहुंचे यूरोपीय सांसदों की 28 सदस्य टीम ने पूरे घाटी का जायजा लिया और साथ ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घाटी के हालात के बारे में जानकारी दी।

कश्मीर में हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। इस बीच यूरोपियन सांसदों का एक समूह घाटी पहुंचा है। इस समूह ने घाटी के तमाम स्थलों का मुआयना किया। मगर इस विदेशी समूह को कश्मीर में जाने की इजाजत से विपक्ष बुरी तरह भड़का हुआ है।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल श्रीनगर पहुंचे हैं। यहां वह स्थानीय लोगों से मुलाकात करेंगे और साथ ही सुरक्षा का जायजा लेंगे।

सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर और उसके आस-पास के इलाकों में स्थित सैन्य प्रतिष्ठानों पर आत्मघाती हमले का अलर्ट जारी किया है। जानकारी के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद के 8-10 आतंकी जम्मू-कश्मीर और उसके आस-पास स्थित भारतीय वायुसेना के ठिकानों पर आत्मघाती हमला कर सकते हैं।

श्रीनगर में अशांति फैलाने की कोशिशें जारी हैं। करीब दो दर्जन आतंकवादी श्रीनगर के आसपास छिपे हुए हैं। खुफिया सूत्रों के मुताबिक ये बस सही मौके के इंतजार में हैं। ये कश्मीर में सख्ती कम होने और सुरक्षा प्रतिबंधों के ढीला होने की ताक में हैं।