संघ

मोहन भागवत ने कहा, "पूर्व में दो-दो साल तक शाखाएं बंद रहीं। फिर भी संघ का काम चलता रहा। शासन-प्रशासन की नीति और सामूहिक अनुशासन का पालन समाज को करना है। सामूहिक अनुशासन का पालन संघ की शिक्षा रही है। इसके हम अभ्यस्थ हैं।"

सीएए पर मोदी सरकार के रूख के बाद अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(RSS) ने भी अपनी मंशा साफ कर दी है। सोमवार को RSS की तरफ से 5 ट्वीट किए गए, जिसमें कहा गया कि CAA नागरिकता लेने का नहीं देने का कानून है।

पिछले साल महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा और शिवसेना वाले गठबंधन को पूर्ण बहुमत मिला था, लेकिन इसके बावजूद भाजपा सरकार नहीं बना सकी थी।

केंद्र सरकार ने राम मंदिर से जुड़े ट्रस्ट को बनाने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस सिलसिले में बातचीत पूरी हो चुकी है। ट्रस्ट में राम मंदिर आंदोलन से जुड़े लोगों की संख्या ज्यादा होने की उम्मीद है।

बरेली में मोहन भागवत ने जनसंख्या नियंत्रण पर दिए गए अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि, 'मुझ से पूछा गया कितने बच्चे हों, मैंने कहा सरकार और सब तय करें, नीति बने, अभी पता नहीं, जनसंख्या समस्या और समाधान दोनों है।'

संसद द्वारा पारित नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर जनसामान्य में भ्रम की स्थिति है। इस भ्रम को दूर करना केंद्र सरकार और भाजपा के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अब इस भ्रम को खत्म करने के लिए आगे आया है

सीएए के खिलाफ देश भर में प्रदर्शन हो रहे हैं। देश के कई हिस्सों में हुए हिंसक प्रदर्शनों में कई लोगों की जान जा चुकी है।

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देश के कई हिस्सों में जहां विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर तमाम संगठन लगातार विधेयक के समर्थन में भी प्रदर्शन कर रहे हैं।

संघ का मानना है कि सिटीजन अमेंडमेंट बिल का समर्थन बीजेपी विरोधी दल भी करेंगे और ये आसानी से संसद के दोनों में पास हो जाएगा।

विगत कुछ दिनों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर आम चर्चा है उस पर एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में देश के पूर्व मुख्यन्यायधीश जो की समाज के दलित वर्ग से आते हैं उनके द्वारा कार्यक्रम में सामाजिक न्याय के विषय को उठाना।