संजय राउत

शिवसेना नेता संजय राउत ने एक बयान में कहा है कि ज्योतिरादित्य पॉपुलर नेता हैं उन्होंने काफी मेहनत की थी उनका उचित सम्मान होता तो आज कमलनाथ सरकार खतरे में नही आती।

संजय राउत ने कहा कि मैं इंदिरा, नेहरू और गांधी परिवार का हमेशा सम्मान करते हुए आया हूं। जब मैं विपक्ष में था तो उस वक्त भी मैं इंदिरा जी का सम्मान करता था। जब-जब इंदिरा गांधी पर हमला हुआ तो मैंने उनका बचाव किया था।

संजय के इस बयान पर अब कांग्रेस की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। बता दें कि महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी गठबंधन की सरकार है।

बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने पुलिस कमिश्नर से शिकायक दर्ज कराई है। वहीं इस मामले के तूल पकड़ने के बाद पोस्टर दिखाने वाली लड़की ने अपने फेसबुक अकाउंट से एक वीडियो शेयर करते हुए सफाई दी है। महक मिर्जा प्रभु नाम की इस युवती ने खुद को स्टोरीटेलर (Story Teller) बताया है।

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में रविवार रात को हुई हिंसा के विरोध में देश भर में प्रदर्शन हो रहे हैं।मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर भी प्रदर्शनकारी जुटे। हालांकि यह प्रदर्शन तो जेएनयू हिंसा के विरोध में था, लेकिन इस दौरान फ्री कश्मीर लिखे पोस्टर भी देखे गए।

वैसे तो वीर सावरकर को शिवसेना अपना आदर्श बताती है लेकिन जब उनके पोते रंजीत सावरकर ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मिलने पहुंचे तो वो उनसे नहीं मिले।

पीडब्ल्यूपी की अध्यक्ष जयंत पाटिल भी नाराज हैं और उनकी पार्टी के एक विधायक हैं। ऐसे ही बहुजन विकास आघाड़ी के अध्यक्ष हितेंद्र ठाकुर भी कैबिनेट में जगह न मिलने से खफा हैं।

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने यहां शनिवार को कहा कि अगर शिवसेना को अपने सहयोगी कांग्रेस व राकांपा के साथ नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लागू करने में समस्याओं का सामना करना पड़ा, तो वह महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ कोई भी राजनीतिक समझौता करने के लिए तैयार है।

शिवसेना नेता संजय राउत ने शनिवार को कहा कि वीर सावरकर न केवल महाराष्ट्र बल्कि देश के भी देवता हैं।

संजय राउत ने कहा कि इस देश से घुसपैठियों को बाहर निकलाना चाहिए, पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों का हनन हुआ है. जिन लाखों-करोड़ों को यहां पर ला रहे हैं, तो क्या उन्हें वोटिंग का हक मिलेगा अगर इन्हें 20-25 साल वोटिंग का हक नहीं मिलता है तो बैलेंस रहेगा।