संजय राउत

महाराष्ट्र में चल रहे सियासी ड्रामे के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अजित पवार ने उप-मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। वहीं माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी दोपहर 3.30 बजे इस्तीफा दे सकते हैं।

अजित पवार के वर्षा जाने के बाद ही एनसीपी ने यह फैसला लिया। मुंबई के होटल सोफिटेल में एनसीपी के एमएलए के साथ बैठक में शरद पवार और सुप्रिया सुले भी मौजूद रहे। इसी बैठक में यह निर्णय लिया गया।

भारतीय जनता पार्टी ने अपने सभी विधायकों की बैठक बुलाई है। ये बैठक मंगलवार रात नौ बजे मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होगी। ये बैठक स्टेडियम के गरवारे क्लब में होगी।

शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के नेताओं की मौजूदगी में 162 विधायकों ने एकजुटता की शपथ ली. विधायकों को तीनों नेताओं का नाम लेकर बदनीयती से कोई काम नहीं करने, भाजपा का समर्थन नहीं करने की शपथ दिलाई गई।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसान कार्ड खेला है। देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के किसानों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने बारिश से प्रभावित किसानों के लिए 5380 करोड़ रुपये को मंजूरी दी है।

महाराष्ट्र की राजनीति में संख्या बल को लेकर के रोज ही नए दावे हो रहे हैं। बीजेपी और अजित पवार ने अपने समर्थकों की संख्या साफ कर दी है। वहीं विपक्षी धड़ा भी पीछे नहीं है।

सबसे पहले अजित पवार की जगह विधायक दल के नेता बनाए गए जयंत पाटिल पहुंचे। जयंत पाटिल ने अजित पवार से गुजारिश की कि वे वापस लौट आएं। इसके बाद शरद पवार के एक और करीबी नेता दिलीप वलसे पाटील पहुंच गए।

इसी बीच खबर है कि, महाराष्ट्र में जारी सियासी उठापटक के बीच भारतीय जनता पार्टी किसान कार्ड चल सकती है। सोमवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम अजित पवार ने कार्यभार संभाल लिया।

सोमवार को अदालत में तीखी बहस हुई और बीजेपी-एनसीपी की ओर से पेश वकीलों ने फ्लोर टेस्ट में जल्दबाजी ना करने को कहा गया। वहीं पहली बार ये बात भी सामने आई है कि राज्यपाल की ओर से बहुमत साबित करने के लिए 14 दिन का समय दिया गया था।

नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता और महाराष्ट्र के नवनियुक्त उप मुख्यमंत्री अजित पवार को मनाने की सारी कोशिशें फेल होती जा रही हैं। एनसीपी के लाख मनाने के बावजूद अजित पवार वापसी करने को तैयार नहीं हैं