संजय राउत

एनसीपी ने अपने विधायकों को साथ रखने के लिए कई दिलचस्प तरीके इजाद किए हैं। सबसे अहम तरीका मिसिंग रिपोर्ट का है। जो विधायक शरद पवार के साथ नहीं हैं उन सब की पुलिस में मिसिंग रिपोर्ट दर्ज करवाई जा रही है।

शनिवार को विधायक दल की बैठक के बाद एनसीपी की ओर से कुल 49 विधायकों का साथ होने का दावा किया गया। इसमें से 43 विधायकों के बैठक में मौजूद होने का दावा किया गया जबकि 6 विधायकों के बारे में कहा गया कि वे रास्ते में हैं।

शिवसेना के सांसद संजय राउत ने रविवार को कहा कि शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन मात्र '10 मिनट' में अपना बहुमत साबित कर सकती है।

कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दलील दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में जो हो रहा है वैसा हमने पहले कभी नहीं देखा। अगर शाम को घोषणा करते हैं तो हम सरकार बनाएंगे तो राज्यपाल ने कैसे देवेंद्र फडणवीस को सीएम पद की शपथ दिला दी।

शिवसेना नेता ने कहा कि यह चोरी है, जिसे पिक पॉकेटिंग कहा जाता है। वहीं अजित पवार पर उन्होंने कहा कि अजित पवार कोई बड़े नेता नहीं हैं, वे शरद पवार की छाया में पले-बढ़े हैं।

आपको बता दें, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का वक्त 11.30 बजे है, लेकिन इससे पहले ही मुंबई में हलचल तेज हो गई है। बीजेपी के राज्यसभा सांसद संजय काकडे एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मिलने उनके घर पहुंचे हैं।

शरद पवार ने कहा है कि महाराष्ट्र में एनसीपी ने बीजेपी को समर्थन नहीं दिया है, अजित पवार का फैसला व्यक्तिगत है और उनके साथ 2-3 विधायक ही हैं। एनसीपी के जिन विधायकों ने अजित पवार को समर्थन दिया था वो लौट आए हैं

विधायक नितिन पवार 23 को सुबह 6 बजकर 30 मिनट के लिए मुंबई रवाना हुए थे लेकिन घर नहीं लौटे। नितिन पावर समेत 3 विधायकों का फोन अब भी संपर्क से बाहर जा रहा है।

कई महत्वपूर्ण मसले आए जिसमें अजित पवार से सलाह मशवरा किए बगैर ही फैसला ले लिया गया। अजित पवार काफी समय से नाराज चल रहे थे।

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बाला साहेब का समर्पण सबको पता है, वो कांग्रेस के घोर विरोधी थे। अब शिवसेना उनके साथ चली गई है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने सभी दलों को मौका दिया था, लेकिन किसी ने दावा नहीं किया।