संजय राउत

सोमवार को अदालत में तीखी बहस हुई और बीजेपी-एनसीपी की ओर से पेश वकीलों ने फ्लोर टेस्ट में जल्दबाजी ना करने को कहा गया। वहीं पहली बार ये बात भी सामने आई है कि राज्यपाल की ओर से बहुमत साबित करने के लिए 14 दिन का समय दिया गया था।

नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता और महाराष्ट्र के नवनियुक्त उप मुख्यमंत्री अजित पवार को मनाने की सारी कोशिशें फेल होती जा रही हैं। एनसीपी के लाख मनाने के बावजूद अजित पवार वापसी करने को तैयार नहीं हैं

महाराष्ट्र में आज जो हो रहा है, साल 1989 में उत्तर प्रदेश में ऐसा ही हुआ था। आश्चर्यजनक रूप से घटनाओं का क्रम समान है, जिससे राज्य की राजनीति जटिलताओं में बदलाव आया है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेताओं ने दावा किया कि अजीत पवार रविवार शाम को महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। अजीत पवार के साथ गए विधायक पार्टी सुप्रीमो शरद पवार की तरफ लौट रहे हैं।

एनसीपी ने अपने विधायकों को साथ रखने के लिए कई दिलचस्प तरीके इजाद किए हैं। सबसे अहम तरीका मिसिंग रिपोर्ट का है। जो विधायक शरद पवार के साथ नहीं हैं उन सब की पुलिस में मिसिंग रिपोर्ट दर्ज करवाई जा रही है।

शनिवार को विधायक दल की बैठक के बाद एनसीपी की ओर से कुल 49 विधायकों का साथ होने का दावा किया गया। इसमें से 43 विधायकों के बैठक में मौजूद होने का दावा किया गया जबकि 6 विधायकों के बारे में कहा गया कि वे रास्ते में हैं।

शिवसेना के सांसद संजय राउत ने रविवार को कहा कि शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन मात्र '10 मिनट' में अपना बहुमत साबित कर सकती है।

कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दलील दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में जो हो रहा है वैसा हमने पहले कभी नहीं देखा। अगर शाम को घोषणा करते हैं तो हम सरकार बनाएंगे तो राज्यपाल ने कैसे देवेंद्र फडणवीस को सीएम पद की शपथ दिला दी।

शिवसेना नेता ने कहा कि यह चोरी है, जिसे पिक पॉकेटिंग कहा जाता है। वहीं अजित पवार पर उन्होंने कहा कि अजित पवार कोई बड़े नेता नहीं हैं, वे शरद पवार की छाया में पले-बढ़े हैं।

आपको बता दें, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का वक्त 11.30 बजे है, लेकिन इससे पहले ही मुंबई में हलचल तेज हो गई है। बीजेपी के राज्यसभा सांसद संजय काकडे एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मिलने उनके घर पहुंचे हैं।