संसद सत्र

संसद में शीतकालीन सत्र की शुरुआत से ही कांग्रेस इलेक्टोरल बॉन्ड का मुद्दा उठाते हुए इसे एक 'बड़ा घोटाला' बता रही है। वहीं गुरुवार को भी कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं ने इस मुद्दे को लोकसभा में उठाया और हंगामा किया तथा सदन से बहिर्गमन किया था।

संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार यानि आज (18 नवंबर) से शुरू हो रहा है। इस बार के संसदीय सत्र में जम्मू-कश्मीर और नागरिकता संशोधन सहित कई मुद्दों पर गरमा गरम बहस होने की संभावना है। साथ ही आर्थिक मंदी और बढ़ती बेरोजगारी पर भी बहस हो सकती है।

सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और कई वरिष्ठ विपक्षी नेताओं ने भाग लिया। बैठक में केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद और राज्यसभा में विपक्ष के उप नेता आनंद शर्मा भी मौजूद थे।

जिस तरह से लोकसभा के नए स्पीकर ओम बिरला ने अपने पहले सात दिन लोकसभा में गुजारे हैं, इससे समझ आता है कि वे सबकुछ पहले जैसा ही नहीं चलने देने चाहते।

अमित शाह कश्मीर पर चर्चा के दौरान जवाब दे रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने कभी कश्मीर के लोगों को अपना पंचायत प्रमुख चुनने नहीं दिया, इनके राज में सिर्फ 3 परिवारों का ही राज चला।

बच्ची ने पीएम मोदी से एक खास अपील करते हुए एक सफेद रंग की तख्ती पर लिखा, 'डियर मिस्टर मोदी(पीएम मोदी) और सांसद...जलवायु परिवर्तन पर कानून पास करें और हमारे भविष्य को बचाएं'।

मीडिया से बातचीत करते हुए पार्टी नेता आनंद शर्मा व लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि कोविंद का संसद के संयुक्त सत्र में अभिभाषण प्रधानमंत्री के भाषण का दोहराव भर है।

चौथे दिन देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संसद को करीब एक घंटे तक संबोधित किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने पीएम मोदी के बिनाह पर नए भारत की परिकल्पना को पेश किया। 

अब सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि, पश्चिम बंगाल से कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी को पार्टी लोकसभा में अपना नेता घोषित कर सकती है। 

राहुल ने जब शपथ ग्रहण किया उसके बाद वो हस्ताक्षर करना भूल गए। जैसे ही राहुल बिना हस्ताक्षर किए जाने लगे तो रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत अन्य सांसदों ने राहुल को हस्ताक्षर करने के बारे में याद दिलाया।