सचिन पायलट

कांग्रेस (Congress) का दामन छोड़कर करीब पांच महीने पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने वाले राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने कांग्रेस पर निशाना साधा है।

राजस्थान (Rajasthan) की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot) ने विधानसभा में विश्वास मत जीत लिया है। इसके साथ ही सदन की कार्यवाही 21 अगस्त तक स्थगित कर दी गई है।

बगावती तेवर अख्तियार करने वाले सचिन पायलट (Sachin Pilot) अब सीएम अशोक गहलोत के बगल में नहीं बैठेंगे। उन्हें सीट नंबर 127 मिली है और वो निर्दलीय विधायक के साथ बैठेंगे।

अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने कहा की 19 विधायकों के बिना भी हम बहुमत साबित कर देते लेकिन उस स्थिति में वो खुशी नहीं होती जो अब हो रही है। सीएम गहलोत ने कहा कि अपने तो अपने होते हैं।

कांग्रेस (congress) पार्टी का राजस्थान (Rajasthan) में चल रहा राजनीतिक संकट अब खत्म होता नजर आ रहा है।

गहलोत ने कहा, 'मैंने उनको समझाया है कि देश, प्रदेश व प्रदेशवासियों के लिए और लोकतंत्र को बचाने के लिए कई बार हमें सहन भी करना पड़ता है।'

पायलट की शिकायतों को दूर करने के लिए कांग्रेस ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में प्रियंका गांधी वाड्रा, वरिष्ठ नेता अहमद पटेल और केसी वेणुगोपाल को रखा गया है।

गौरतलब है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी के साथ सोमवार को पायलट की मुलाकात के बाद राजस्थान का सियासी संकट खत्म हो गया। पायलट और उनके समर्थक विधायकों के मुद्दों के समाधान के लिए पार्टी ने तीन सदस्यीय समिति गठित करने का फैसला किया।

सचिन पायलट के इस बयान को अशोक गहलोत से जोड़कर इसलिए देखा जा रहा है क्योंकि गहलोत का 'निकम्मा' वाला बयान काफी चर्चाओं में आया था।

सचिन पायलट और उनके खेमे के कांग्रेस विधायकों के बागी तेवरों से उत्पन्न संकट का समाधान होने के बाद, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को कहा कि वह उनकी शिकायतों को जानने और उनका दिल जीतने की कोशिश करेंगे।