समाजवादी पार्टी

अब आजम खान एक नई मुसीबत में फंसते दिख रहे हैं और ये मामला है यूनिवर्सिटी को लीज पर दी गई जमीन से खैर के पेड़ गायब होने का।

समाजवादी पार्टी के पूर्व राज्यसभा सांसद संजय सेठ और सुरेंद्र नागर ने आखिरकार भाजपा में शामिल हो गए हैं। दोनों नेताओं ने पिछले दिनों सपा से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद से अटकलें लगाई जा रही थी कि, ये दोनों नेता भाजपा में जा सकते हैं।

सांसदी चुनाव में सपा की दिग्गज नेता जया प्रदा को हराने वाले आजम खां पर अब किसानों की जमीन, नदियों की जमीन कब्जा करने का आरोप है। उन पर 26 से ज्यादा मुकदमे हैं। वह भूमाफिया भी हैं। तो क्या आजम खां गिरफ्तारी के डर से रामपुर नहीं आ रहे हैं?

समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान के जौहर यूनिवर्सिटी पर छापे और विधायक अब्दुल्ला आजम से पूछताछ से नाराज समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता आज रामपुर में विरोध प्रदर्शन के लिए जुटने लगे हैं।

हादसे के बाद फतेहपुर के जेल रोड पर देवेंद्र पाल के मकान में ताला बंद है।बताया जा रहा है कि देवेंद्र पाल ललौली थाना क्षेत्र के मुत्तोर गांव के रहने वाले हैं। उनकी तलाश शुरू हो गई है। ट्रक चालक फ़तेहपुर जनपद का रहने वाला है। ललौली के रहने वाले देवेंद्र किशोर पाल के कई ट्रक हैं।

उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने उनको रामपुर में लग्जरी रिसॉर्ट हमसफर के लिए सरकारी जमीन कब्जाने को लेकर नोटिस जारी किया है। जिला प्रशासन ने सरकारी जमीन के एक बड़े टुकड़े को कब्जाने के संबंध में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। इस जमीन पर गेस्ट हाउस का निर्माण किया गया है।

अखिलेश यादव का कहना है कि पीड़िता को सुरक्षा प्रदान की गई है, लेकिन दुर्घटना के दौरान उनके साथ एक भी सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा कि यह दुर्घटना बस एक दुर्घटना थी या फिर पीड़िता के परिवार को खत्म करने की साजिश थी, इसकी सीबीआई जांच जरूर होनी चाहिए।

कांग्रेस के एमएलसी दीपक सिंह ने कहा कि आजम खां के विवि के जो बिल आए हैं, उसका वह समर्थन नहीं करेंगे, क्योंकि उसमें विसंगतियां हैं। उन्होंने कहा, "हमारा सपा के साथ कोई गठबंधन तो है नहीं कि हम हर मुद्दे पर उनके साथ रहेंगे।

बता दें कि हाल ही में रामपुर के एसपी अजयपाल शर्मा ने जानकारी दी कि समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान के खिलाफ 23 एफआईआर दर्ज की गई हैं. ये सभी मामले जमीन अतिक्रमण के हैं।

आजम खान ने इन गरीब किसानों की जमीनें कब्जा कर उनकी बुनियाद पर अपनी मौलाना अली जौहर यूनिवर्सिटी खड़ी कर ली। ये सब उस वक्त हुआ जब यूपी मे समाजवादी पार्टी की सरकार थी और आजम खान बेहद कद्दावर मंत्री हुआ करते थे।