सर्वे

कोरोनावायरस महामारी से देशवासियों के बीच नौकरी खोने का डर और आय को लेकर चिंता बनी हुई है, मगर साथ ही लोग कई पहलुओं पर सकारात्मकता दिखाते हुए उम्मीद भी लगाए हुए हैं।

बंधक बनाने वाले लोगों को शक था कि ये लोग NRC के लिए सर्वे करने आए हैं। दरअसल जिन लोगों को बंधक बनाया गया वो लखनऊ की किसी रिसर्च एजेंसी से आए थे।

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के 2 घंटे 40 मिनट के लंबे बजट भाषण में अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों को समाहित करते हुए जो प्रस्ताव किए गए हैं, उन्हें बड़ी संख्या में लोगों ने स्वीकृति दी है

दिलचस्प बात यह है कि अधिकांश लोग सरकार के फैसले का समर्थन करते हैं, लेकिन फैसले की शुद्ध अनुमोदन रेटिंग 45.7 फीसदी रही। 50 से नीचे की स्वीकृति रेटिंग को नकारात्मक कहा जाता है।

सर्वे के अनुसार, इन कारकों की वजह से केंद्र सरकार के आर्थिक प्रदर्शन से लगभग 47 प्रतिशत लोगों ने नाखुशी जाहिर की। आर्थिक मोर्चे पर केंद्र सरकार के प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में 46.4 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि यह उम्मीद से भी बदतर रहा।

'अ थ्रोअवे वर्ल्ड- द चैलेंज ऑफ प्लास्टिक पैकेजिंग एंड वेस्ट' नामक सर्वे के अनुसार, 80 प्रतिशत से अधिक शहरी भारतीयों ने कहा कि वे अपने द्वारा उत्पादित पैकेजिंग के रिसाइक्लिंग और रीयूज के लिए इसे बनाने वालों को जिम्मेदार ठहराएंगे।

चुनाव के सातों चरणों के दौरान सरकार से संतुष्टि का औसत 45 के आसपास रहा। मतदाताओं ने मोदी के नेतृत्व को भी हरी झंडी दिखा दी, जिसमें 49.58 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि वे उनसे (नरेंद्र मोदी) बहुत खुश हैं। 

बालाकोट हवाई हमले के बाद मार्च के पहले सप्ताह में अप्रवूल रेटिंग में 60 से ज्यादा का उछाल आया और पूरे मई में इसकी रेटिंग 45 के आसपास बनी हुई है।

लोकसभा चुनाव के कुछ दौर और अभी बाकी हैं लेकिन इस बीच सामने आ रहे सर्वे ने भाजपा का ध्यान अपनी तरफ जरूर आकर्षित किया है। सर्वे में लोगों से पूछा गया कि 'मोदी के प्रदर्शन से संतुष्ट हैं?' तो देखिए लोगों ने क्या कहा

विजय रूपाणी के नेतृत्व वाली गुजरात सरकार का प्रदर्शन मतदाताओं की अधिकांश चिंताओं पर औसत से नीचे है। इन चिंताओं में बेरोजगारी, पेयजल और स्वास्थ्य देखभाल शामिल हैं।