सर्वोच्च न्यायालय

प्रशांत भूषण(Prashant Bhushan) ने सर्वोच्च न्यायालय(Supreme Court) को बताया कि उन्हें इस बात से पीड़ा हुई है कि उन्हें इस मामले में 'बहुत गलत समझा गया'। उन्होंने कहा 'मैंने ट्वीट के जरिये अपने परम कर्तव्य का निर्वहन करने का प्रयास किया है।'

बता दें कि विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने यूपी सरकार से तीखे सवाल किए थे। कोर्ट ने कहा था कि हम इस बात से हैरान हैं कि इतने मामलों में वांछित अपराधी पैरोल पर कैसे रिहा हो गया और उसने इतने बड़े अपराध को अंजाम दे दिया।

निर्भया गैंगरेप केस में दो दोषियों ने फांसी की सजा के बाद सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका डाली दी थी, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को खारिज कर दी।

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाने के बाद लगाई गई पाबंदियों के खिलाफ दायर याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 'जम्मू7 कश्मी)र में पाबंदियों के आदेश की समीक्षा के लिए कमेटी बनेगी।

कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार सन 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों के मामलों में अपनी जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई के लिए सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। उनकी याचिका को सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई के लिए स्वीकार भी कर लिया है।

चूंकि सर्वोच्च न्यायालय चिदंबरम की याचिका पर बुधवार सुबह सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया है, लिहाजा जांच एजेंसियां भी अब सुबह सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आने तक इंतजार करेंगी और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए रातभर छापे नहीं मारेंगी।

सरकार के फैसले को सही ठहराया और कहा कि ईडब्ल्यूएस में आरक्षण सामान्य वर्ग के उन गरीबों को लाभान्वित करने का एक प्रयास है, जो अब तक सुविधाओं से वंचित हैं।

अदालत एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसे शिया वक्फ बोर्ड के प्रमुख सैयद वसीम रिजवी ने दाखिल किया है। रिजवी ने कहा कि इस तरह के झंडों को देश में इमारतों व धार्मिक जगहों पर फहराना गैर इस्लामिक है।

सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की मौत की जांच के लिए तमिलनाडु सरकार द्वारा गठित न्यायिक आयोग की जांच पर रोक लगा दी है। अपोलो अस्पताल ने अरुमुघस्वामी आयोग पर रोक लगाने के लिए शीर्ष अदालत में याचिका दायर की थी। अस्पताल ने दावा किया था कि जांच दल पक्षपाती था।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के खिलाफ कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच न्यायमूर्ति एस. ए. बोबडे की अगुवाई वाली शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों की तीन सदस्यीय समिति द्वारा की जाएगी।