साध्वी प्रज्ञा ठाकुर

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के गोडसे को देशभक्त बताने के बाद अब मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग ने गांधी के नाम के साथ एक निंदनीय विशेषण जोड़ दिया है। मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग का एक हैरान करने वाला कारनामा सामने आया है।

साध्‍वी प्रज्ञा ने आज बताया कि कुछ दिन पूर्व उनके पास कई बार धमकी भरा कॉल आया। यह कॉल किसी प्राइवेट नंबर से आ रहा था, जिसका नंबर डिस्‍प्‍ले नहीं हो रहा था। सामने वाले व्‍यक्ति ने उन्‍हें गाली गलौज के साथ जान से मारने की धमकी दी।

भोपाल से भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के लिए राहत की खबर आई है। मालेगांव ब्लास्ट मामले में प्रज्ञा ठाकुर ने एनआईए की स्पेशल कोर्ट में अर्जी दी थी कि उन्हें पेशी से छूट दी जाय।

मध्य प्रदेश की सबसे हॉट सीट भोपाल संसदीय क्षेत्र से भाजपा की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को शुरुआती रुझान में बढ़त मिली है। राज्य की सबसे हॉट सीट भोपाल में कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और भाजपा की साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बीच कड़ी टक्कर है।

मालेगांव बम धमाकों में आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को एनआईए कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। इसके अलावा एनआईए की विशेष अदालत ने प्रज्ञा ठाकुर, कर्नल प्रसाद पुरोहित और सुधाकर चतुर्वेदी को पेशी से छूट दे दी है। इन तीनों ने निजी समस्या और परेशानी बताते हुए अदालत से रियायत की मांग की थी।

कांग्रेस ने यह कदम तब उठाया है, जब एक दिन पहले गुरुवार को मालेगांव विस्फोट की आरोपी प्रज्ञा ठाकुर ने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त करार दिया था। उन्होंने कहा था, "नाथूराम गोडसे एक देशभक्त थे, हैं और रहेंगे। उन्हें आतंकवादी कहने वाले अपने गिरेबान में झांक कर देखें। इस चुनाव में ऐसे लोगों को सबक सिखाया जाएगा।"

अनिल सौमित्र ने अपनी फेसबुक वॉल पर लिखा है, "राष्ट्रपिता थे, लेकिन पाकिस्तान राष्ट्र के। भारत राष्ट्र में तो उनके जैसे करोड़ों पुत्र हुए। कुछ लायक तो कुछ नालायक।"

पीएम मोदी ने एक निजी चैनल से बात करते हुए कहा, "गांधी जी या गोडसे के बारे में जो बयान दिए गए हैं वो बहुत ख़राब है और समाज के लिए बहुत गलत हैं।

अनंत कुमार हेगड़े ने ट्वीट करके कहा है, ''मैं खुश हूं कि करीब सात दशक के बाद आज की पीढ़ी नए बदलाव के साथ इस मुद्दे पर चर्चा कर रही है। इस चर्चा को सुनकर आज नाथूराम गोडसे अच्छा महसूस कर रहे होंगे।' 

भाजपा की तरफ से ये भी कहा गया कि प्रज्ञा ठाकुर को इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। बीजेपी की किरकिरी होते देख गुरुवार(16 मई) को दिन में दिए इस बयान पर प्रज्ञा ठाकुर ने शाम होते होते आखिरकार माफी मांग ली।