सीएम कमलनाथ

मध्यप्रदेश में जारी सियासी घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने से पहले कमलनाथ प्रेस कांफ्रेंस की। जिसमें उन्होंने अपनी एक साल, तीन महीने और चार दिन की सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। 

मध्यप्रदेश में जारी सियासी घमासान पर सुप्रीम कोर्ट में आज (गुरुवार को) भी सुनवाई जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट में इससे पहले इस मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ और हेमंत गुप्ता की पीठ ने कहा कि बेंगलुरू से जारी विधायकों के वीडियो देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि वे दबाव में हैं या फिर स्वेच्छा से निर्णय ले रहे हैं।

मध्यप्रदेश में जारी सियासी संकट के बीच बहुमत परीक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज (गुरुवार को) फिर से सुनवाई होने वाली है। अदालत से लेकर बेंगलुरु तक राजनीतिक दांव पेंच जारी हैं। इससे पहले शीर्ष अदालत में मामले पर बुधवार को दिनभर सुनवाई हुई।

मध्य प्रदेश में ऑपरेशन लोटस को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है। जिसमें पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा और व्हिसिल ब्लोअर डॉक्टर आनंद राय के बीच सरकार गिराने को लेकर चर्चा हो रही है। खुद आनंद राय ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा कि हॉर्स ट्रेडिंग में भाजपा एक्सपोज जनमत को खरीदने की जुगत में भाजपा।

मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार की ओर से इमरजेंसी पेंशन दी जा रही थी। अलग-अलग कैटेगरी में इसका भुगतान होता था। इसके तहत इमरजेंसी में तीन महीने की जेल काटने वाले को 10000 रुपया महीना मिलता था। जबकि छह महीने तक की जेल काटने पर 15000 रुपए दिए जाते थे। 6 महीने से ऊपर तक की जेल काटने वाले को 25000 रुपया महीना दिया जाता था।

मध्यप्रदेश में कांग्रेस के नए अध्यक्ष और निगम-मंडलों में नियुक्ति को लेकर जारी माथापच्ची के बीच सियासी तूफान खड़ा होने के आसार बनने लगे हैं। इसकी शुरुआत राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इशारों-इशारों में पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर हमला करके कर दी है।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित माखन लाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के 23 छात्रों का निष्कासन खत्म कर दिया गया है। इन छात्रों पर दो अनुबंधक प्राध्यापकों (एडजंक्ट फैकल्टी) की कथित कार्यशैली के खिलाफ आंदोलन और विश्वविद्यालय परिसर में तोड़फोड़ करने का आरोप था।

दिग्विजय सिंह के भाई और कांग्रेस विधायक ने अपनी ही सरकार पर उठाए सवाल, सीएम कमलनाथ को दी ये नसीहत

मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक बार फिर से मुख्यमंत्री कमलनाथ पर वार किया है। सिंधिया ने इस बार बिजली कटौती से लेकर गौशाला तक कमलनाथ को उनके वादों की याद दिलाई है।

मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार एक बार फिर से मुश्किल में है। जिन किसानों के कर्ज माफ करने का वादा कर उसने चुनाव जीता था वही किसान उसके खिलाफ उठ खड़े हुए हैं।