सीएम योगी

ताबड़तोड़ हो रहे एनकाउंटर पर एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि प्रदेश में अपराध के प्रति पुलिस ने जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई शुरू की है।

कानपुर से एक चौकने वाला मामला सामने आया है। वहां के राजकीय बालिका संरक्षण गृह में रहने वाली 57 लड़कियां कोरोना पॉजिटिव पायी गई हैं। संक्रमित बालिकाओं को इलाज के लिए रामा मेडिकल कॉलेज के कोविड-19 वार्ड में रखा गया है।

यूपी में एक बार फिर आधी रात को तबादलों की लिस्ट जारी की गई। राज्य में तबादलों का दौर जारी है। इस बार योगी सरकार ने पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल करते हुए 14 आईपीएस अफसरों का तबादला कर दिया।

एक तरफ जहां देश में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं वहीं यूपी में कोरोना व्यवस्था बेहतर तरीके से संभालने पर सीएम योगी की देश-विदेश में जमकर सराहना हो रही है। खास बात ये है कि भारत का सबसे बड़ा दुश्मन देश पाकिस्तान भी सीएम की जमकर तारीफ कर रहा है।

मैसेज को लेकर इंस्पेक्टर धीरज कुमार ने कहा, 'मैसेज में लिखा था कि मैं योगी आदित्यनाथ को बम से हमला कर जान से मार दूंगा। फिर उसने योगी को कुछ लोगों की जान का दुश्मन बताया। ट्रू कॉलर पर इस नम्बर को चेक करने पर लिखा आता है- हाय गॉय...जस्ट एबुसिंग...।'

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आम जनता से अपील की है कि जो जहां हैं वहीं रहें। पैदल ना चलें। सभी को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा। यूपी में बड़े पैमाने पर रोजगार की व्यवस्था भी की गई है।

योगी ने कहा कि यह राजनीतिक गरिमा के प्रतिकूल अभद्र आचरण है। जनता सब कुछ जानती है। इन लोगों के इस नकारात्मक रवैया का जवाब जनता खुद देगी।

राघव चड्ढा ने अपने ट्वीट में लिखा था कि, सूत्रों के मुताबिक योगी जी दिल्ली से यूपी जाने वाले लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पिटवा रहे हैं। योगी जी बोल रहे हैं कि तुम क्यों दिल्ली गए थे, अब तुम लोगों को कभी दिल्ली जाने नहीं दिया जाएगा।

कोरोना के संभावित खतरे को देखते हुए इस सोसायटी को दो दिन के लिए सील या लॉकडाउन कर दिया गया है, अब न यहां कोई अंदर आ सकेगा, न कोई बाहर जा सकेगा। यह मामला नोएडा सेक्टर 74 की केपटाउन सोसायटी का है। सोसायटी को बंद करने का आदेश डीएम की तरफ से आया है। 

कोरोनावायरस के खिलाफ चल रही जंग के बीच उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बड़ा ऐलान किया है। वायरस के चलते दिहाड़ी मजदूरों का रोजगार प्रभावित हो रहा है, लिहाजा सरकार ने उन्हें 1000 रुपये देने का फैसला किया है।