सीएम योगी आदित्यनाथ

योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि उत्तर प्रदेश वापस आने के इच्छुक प्रवासी श्रमिकों के बारे में पता लगाने के लिए सभी राज्य सरकारों को पत्र भेजा जाना चाहिए।

सेंगर की बेटी का कहना है कि इस ट्वीट से परिवार का मानसिक उत्पीड़न हुआ है। मानहानि भी हुई है। सुनवाई से पूर्व दबाव बनाने का आपराधिक कृत्य किया गया है। एसपी विक्रांतवीर ने बताया कि पूर्व विधायक की बेटी ने उन्हें पत्र दिया है।

इसके अलावा सीएम योगी आदित्यनाथ ने वैश्विक महामारी कोरोना के संकट के समय में देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनने वाले महिला स्वयं सहायता समूहों को आज रिवॉल्विंग फंड के साथ ही कम्युनिटी इंवेस्टमेंट फंड से 218 करोड़ 49 लाख की सहायता प्रदान की।

सरकार की ओर से इन महिलाओं को मास्क बनाने समेत सिलाई, कढाई, पत्तल, मसाले जैसे उत्पादों के निर्माण में मदद की जा रही है। योगी सरकार का मकसद इन महिलाओं को स्वावलंबी बनाने से है।

योगी सरकार ने लाॅकडाउन के दौरान 78,000 श्रमिक कार्मिकों को सम्बंधित इकाईयों द्वारा 1604 करोड़ रुपये का भुगतान कराया गया है। इसके साथ ही 1.68 लाख लघु और मध्यम इकाइयों को चालू कराया है जिसमें 18.46 लाख कार्मिकों को काम मिला।

लॉकडाउन के दौरान भी यूपी की बंद पड़ी औद्योगिक इकाईयों से योगी सरकार ने हर कर्मचारी को भुगतान सुनिश्चित किया है। इन इकाईयों ने अब तक 1592.37 करोड़ रुपए वेतन और मानदेय का बड़ा भुगतान किया है।

योगी सरकार ने सबसे पहले श्रमिकों कामगारों को लाना शुरू किया था और अब तक सबसे ज्यादा लोगों को सुरक्षित ला चुकी है। आज और 35 ट्रेनें प्रवासी कामगारों व श्रमिकों को लेकर यूपी पहुंच रही हैं। सीएम योगी ने इन सभी की सुरक्षित व सम्मानजनक वापसी के साथ ही पूरी मदद के दिए निर्देश दिए हैं।

यूपी के अपर सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश पीपी और सैनिटाइजर के क्षेत्र में भी तेजी से तरक्की कर रहा है। कोरोना से निपटने को प्रदेश पूरी तरह तैयार है। प्रदेश में 72 यूनिट पीपीई सेनेटाइजर की शुरू हो चुकी है ।

दरअसल, 11 लोगों के साथ विधायक अमनमणि त्रिपाठी चमोली पहुंचे। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता स्वर्गीय आनंद सिंह बिष्ट का पितृ कार्य पूरा करने के लिए अनुमति मांगी थी।

सीएम ने कहा कि राज्य सरकार 23 करोड़ जनता को इस महामारी से बचा रही है और अलग-अलग प्रदेशों में फंसे अपने मजदूरों व प्रतियोगी छात्रों को सुरक्षित निकाल कर उन्हें घर पहुंचा रही है।