सीबीआई

सीबीआई ने शनिवार को कहा कि उसने हथियारों के डीलर संजय भंडारी और भारतीय वायु सेना (आईएएफ) व रक्षा मंत्रालय के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ 2009 के प्रशिक्षण विमान सौदा मामले में मामला दर्ज किया है।

अहमद 2004 से 2009 तक उत्तर प्रदेश के फूलपुर से 14वीं लोकसभा में समाजवादी पार्टी के सांसद थे। वह पांच बार विधायक रहे और 11 फरवरी, 2017 से जेल में हैं। सीबीआई ने 23 अप्रैल, 2019 के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर मामला दर्ज किया है। 

पूर्व खनन मंत्री रहे गायत्री प्रजापति के ठिकानों पर सीबीआई ने छापेमारी की है। खनन घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने अमेठी में गायत्री प्रजापति के आवास समेत 22 ठिकानों पर छापेमारी की। गायत्री के परिजनों से पूछताछ की जा रही है, फिलहाल गायत्री प्रजापति रेप के आरोप में जेल में बंद हैं।

हाल फिलहाल में उन्हें केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) द्वारा कई बार तलब किया गया था, लेकिन वह अवकाश पर होने की बात कह कर पेश होने से मुकर जाते थे।

सीबीआई ने इस सप्ताह घोष के अलावा बंगाल पुलिस के कई पुलिस अधिकारियों से पूछताछ की है। इन अधिकारियों में सारदा मामले के पहले जांच अधिकारी भी शामिल हैं।

सीबीआई ने शीर्ष अदालत को बताया कि समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव, उनके बेटों- पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और प्रतीक यादव, पुत्रवधु और सांसद डिंपल यादव के खिलाफ कथित आय से अधिक संपत्ति की जांच, कोई सबूत नहीं मिलने के बाद 2013 में बंद हो चुकी थी।

सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को गुप्तचर ब्यूरो (आईबी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशकों और दिल्ली पुलिस आयुक्त को बुलाकर वकील उत्सव बैंस द्वारा पेश किए गए सबूतों की जांच करने को कहा।

सीबीआई ने अपने जवाब में कहा कि, लालू प्रसाद यादव लोकसभा चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लेकर जमानत का ‘‘गलत’’ इस्तेमाल कर सकते हैं, ऐसे में उन्‍हें जमानत न दी जाए।

केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) ने गुरुवार को कहा कि उसने यहां एक आयकर अधिकारी को 14 लाख रुपये रिश्वत के रूप में लेने के लिए गिरफ्तार किया है।

मामले के मूल याचिकाकर्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। विश्वनाथ चतुर्वेदी ने अपनी अर्जी में मांग की है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सुप्रीम कोर्ट के 2007 और 2012 के आदेश के तहत क्या करवाई की है, इसकी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट या निचली अदालत में दाखिल करे।