सीलमपुर

उत्तर पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, सीलमपुर, ओल्ड मुस्तफाबाद, भजनपुरा, चांद बाग आदि इलाके बीते 24-25 फरवरी को अचानक जलने शुरू नहीं हुए। इनकी शुरूआत शाहीन बाग से हुई है।

दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर भड़की हिंसा में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने देर रात हिंसाग्रस्त इलाकों का दौरा किया।

प्रदर्शनकारियों के इकट्ठा होने व उनके सड़क पर बैठने की वजह से इस रास्ते से लोगों की आवाजाही बंद हो गई है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने रोड नंबर 66 जाम कर रखा है, ये सड़क सीलमपुर को मौजपुर और यमुना विहार से जोड़ती है।

जामिया इलाके में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद अब दिल्ली के सीलमपुर इलाके में नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन के कारण जाफराबाद जाने वाले इलाके को बंद कर दिया गया। इस प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की, इसके अलावा प्रदर्शनकारियों के द्वारा गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई और आग लगाई गई।

दिल्ली में माहौल तनावपूर्ण होते देख लोगों से अपील की है कि लोग शांति बनाए रखें। इसको लेकर उन्होंने एक ट्वीट कर कहा कि, "मेरी सभी दिल्लीवासियो से अपील है कि शांति बनाए रखें।

प्रदर्शनकारियों की मांग है कि भेदभाव वाले संविधान विरोधी नये नागरिकता कानून को वापस लिया जाए। प्रदर्शन के दौरान कई गाड़ियों के शीशे तोड़े गए। पथराव में कुछ पुलिसवाले और प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं।

प्रदर्शनकारियों की मांग है कि भेदभाव वाले संविधान विरोधी नये नागरिकता कानून को वापस लिया जाए। प्रदर्शन के दौरान कई गाड़ियों के शीशे तोड़े गए। पथराव में कुछ पुलिसवाले और प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं।