सुप्रीम कोर्ट जज

जस्टिस अरुण मिश्रा( Justice Arun Mishra) ने कहा कि मैं जो कुछ भी कर सका वह इस अदालत(Court) की सर्वोच्च शक्तियों से हो पाया, मैंने जो कुछ भी किया उसके पीछे आप सभी की शक्ति थी।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इसमें कुछ नियम भी जारी किए हैं। फैसले में कहा गया है कि CJI ऑफिस एक पब्लिक अथॉरिटी है, इसके तहत ये RTI के तहत आएगा। हालांकि, इस दौरान दफ्तर की गोपनीयता बरकरार रहेगी।

अगले 24 घंटे के भीतर एक बेहद ही महत्वपूर्ण फैसला आने वाला है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस का दफ्तर आरटीआई के दायरे में आना चाहिए या नहीं इस मुद्दे पर बुधवार को फैसला आ सकता है।

भारत के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के खिलाफ लगे यौन उत्पीड़न के आरोप की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर सोमवार को प्रदर्शनकारी सर्वोच्च न्यायालय परिसर के बाहर एकत्र हुए।

नई दिल्ली।  न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी व न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में शपथ...