सुप्रीम कोर्ट फैसला

राम मंदिर निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अब इसके स्थापत्य को लेकर उत्सुकताएं जागी हैं। इसकी तैयारियां 90 के दशक यानी करीब 30 साल पहले ही आर्किटेक्ट चंद्रकांत भाई ने शुरू कर दी थी।

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का पुरातत्वविद और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के पूर्व अधिकारी केके मोहम्मद ने भी स्वागत किया है।

दिग्गज पटकथा लेखक और फिल्म निर्माता सलीम खान ने शनिवार को कहा कि अयोध्या में मुस्लिमों को दी जाने वाली पांच एकड़ भूमि पर स्कूल बनाया जाना चाहिए।

भाजपा के वयोवृद्ध नेता मुरली मनोहर जोशी ने शनिवार को अयोध्या भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और इसे न सिर्फ हिंदुओं की, बल्कि प्रत्येक भारतीय की जीत बताया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को यहां कहा कि अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने देश और दुनिया में भारत की संवैधानिक व्यवस्था और लोकतंत्र की मजबूती को फिर से साबित कर दिया है।

इस फैसले पर भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने अपनी बातें रखते हुए कहा कि, मैं अपने सभी देशवासियों के साथ ही आज अयोध्या मामले में उच्चतम न्यायालय की पांच-सदस्यीय संविधान पीठ द्वारा दिए गए ऐतिहासिक फैसले का तहे दिल से स्वागत करता हूं।

अयोध्या पर ऐतिहासिक फैसला आ गया है और सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए रामलला के हक में विवादित जमीन को दिया है। इसके साथ ही मुस्लिम पक्ष को मस्जिद बनाने के लिए 5 एकड़ की जमीन अयोध्या में किसी और जगह पर दी जाएगा।

अयोध्या मामले में शनिवार को फैसला सुनाने वाली पीठ के सभी सदस्य आज रात राष्ट्रीय राजधानी स्थित होटल ताज मानसिंह में डिनर (रात्रिभोज) करेंगे।

इलाहाबाद हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जितनी भी सुनवाई राम मंदिर को लेकर हुई उस पूरी सुनवाई के दौरान अदालत में एक शख्स हमेशा मौजूद रहे वह हैं 'विश्व हिंदू परिषद' के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय।

औवेसी ने कहा कि कांग्रेस ने अपना असली रंग दिखाया है। यदि 1949 में कांग्रेस ने दरवाजे नहीं खोले होते तो वहां मूर्तियां नहीं रखी जातीं और राजीव गांधी ने ताला नहीं खुलवाया होता तो मस्जिद आज वहीं होती।