सुप्रीम कोर्ट फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा को जमीन देने का इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला गलत था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2010 में विवादित भूमि पर फैसला सुनाया था।

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को आयोध्या भूमि विवाद पर अपने फैसले में कहा कि हिंदुओं की इस बात का स्पष्ट सबूत है कि हिंदू मान्यता के अनुसार राम का जन्म विवादित स्थान पर हुआ था।

भारत के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने शनिवार को कहा कि इस बात के स्पष्ट सबूत हैं कि हिंदू मानते हैं कि भगवान राम विवादित स्थान पर पैदा हुए थे। उन्होंने यह बात खचाखच भरे अदालत कक्ष में अयोध्या भूमि विवाद का एकमत फैसला पढ़ते हुए कही।

अयोध्या फैसला आने के बाद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागववत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। उन्होंने कहा कि, हम सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हैं। यह मामला दशकों से चल रहा था और यह सही निष्कर्ष पर पहुंच गया है।

अयोध्या मामले पर शनिवार को फैसला सुना रहे सुप्रीम कोर्ट के पांच न्यायाधीशों की पीठ के अध्यक्ष प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई ने कहा कि मामले का फैसला पीठ के सभी सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से लिया जाएगा।

काफी सालों से चली आ रही अयोध्या मामले को लेकर बड़ी खबर यह है कि, सुप्रीम कोर्ट 9 नवंबर को अपना फैसला सुना सकता है। सभी को इतंजार था कि, कब अयोध्या मामले को लेकर फैसला आएगा।

अयोध्या में भूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले राममंदिर के लिए पत्थर तराशने के रूके काम पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने सफाई दी है। विहिप का कहना है कि पत्थर तराशी का काम अनवरत चलने वाला है।

सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के 17 नवंबर को सेवानिवृत्त होने से पहले अयोध्या मामले के संभावित फैसले के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को सतर्क रहने की हिदायत दी है।

अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के पहले संघ समरसता बनाये रखने की कोशिशें कर रहा है। वह समाज में समरसता बनाये रखने की तमाम कवायद कर रहा है । इसी सिलसिले में आज आरएसएस के प्रतिनिधियों ने मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।

अयोध्या मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट से कभी भी फैसला आ सकता है और अयोध्या में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल की अधिक तैनाती हुई है। अयोध्या के विवादित जमीन को लेकर अदालत में काफी सालों से ये केस चल रहा था और अब लोगों को उम्मीद है इस पर फैसला आ जाएगा