सूरत

गुजरात में एक महिला कॉन्स्टेबल ने वह कर दिया जो केवल फिल्मों में ही देखने को मिलता है रियल लाइफ में ऐसे वाकये कम ही होते हैं।

दरअसल ये लोग उन्हें वापस उनके घर भेजने की व्यवस्था करने की मांग कर रहे थे। अपने उग्र प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने कई वाहन भी फूंक डाले। पुलिस ने आगजनी करने वालों को खदेड़कर स्थिति को अपने काबू में ले लिया। बताया जा रहा है कि यह पूरी घटना सूरत के लसकाना इलाके की है।

लॉकडाउन के दौरान पूरा देश मानो ठहर सा गया है जो जहां है वहीं रूका हुआ है। लोग अपनों से दूर हैं तो उनके लिए परेशानी और ज्यादा बड़ी है।

कोरोनावायरस से संक्रमित एक 67 वर्षीय बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत हो गई है। ये मामला गुजरात के सूरत का है। देश में ये कोरोना वायरस से सातवीं मौत है, जबकि गुजरात में कोरोना से होने वाली ये पहली मौत है।

लड़के-लड़कियां, बच्चे-बुजुर्ग सभी पीएम मोदी का मुखौटा पहनकर झूमते-नाचते दिखे। इस बात से पीएम मोदी की लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इमारत की छत पर अस्थायी ढांचे के निर्माण के साथ कोचिग संस्थान चलाया जा रहा था। यहां पहुंचने के लिए लकड़ी की सीढ़ी बनाई गई थी।

यह मामला सूरत प्रशासन पर सवाल खड़ा करता है, क्योंकि गैर-कानूनी तरीके से चल रहे इस कोचिंग सेंटर को लेकर लापरवाही बरती गई। जिसकी वजह से आज 20 लोगों ने अपनी जान गवां दी है।

इस आग की घटना पर पीएम मोदी ने दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि "सूरत में लगी आग की घटना से दुखी हूं। मेरी संवेदना शोक संतप्‍त परिवारों के साथ है। घायलों के जल्‍द स्‍वस्‍थ होने की कामना करता हूं। गुजरात सरकार और स्‍थानीय अधिकारियों से प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुंचाने के लिए कहा गया है।"

गुजरात के सूरत में यूथ कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से पूछा कि 2019 के लोकसभा चुनावों में क्या होगा तो युवाओं की ओर से आवाज आई मोदी मोदी। प्रधानमंत्री ने दोबारा पूछा तो युवाओं ने उत्साह से फिर कहा, 'मोदी-मोदी.'।