सोनिया गांधी

मध्य प्रदेश में कांग्रेस के नए अध्यक्ष को लेकर चल रही चर्चा के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की एक वैवाहिक समारोह में हिस्सा लेने के लिए हुई संयुक्त यात्रा और फिर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से कमलनाथ की मुलाकात ने कांग्रेस के हलके में हलचल मचा दी है।

कॉरपोरेट टैक्स पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि कभी-कभी लगता है कि आपको (निर्मला सीतारमण) नहीं निर्बला सीतामरण कहना ठीक होगा कि नहीं।

दरअसल उन्होंने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की जगह बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा का नाम ले लिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है।

एनआरसी को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, 'हिंदुस्तान सबके लिए है। ये हिंदुस्तान किसी की जागीर है क्या? सबका समान अधिकार है। अमित शाह जी, नरेंद्र मोदी जी आप खुद घुसपैठिये हैं।

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने महाराष्ट्र के हालिया राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधा और राज्यपाल बीएस कोश्यारी के जरिए राज्य में लोकतंत्र खत्म करने का प्रयास करने का आरोप लगाया।

महाराष्ट्र में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन की सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित होने के लिए निमंत्रण देने का काम आदित्य ठाकरे कर रहे हैं।

इस अवसर पर सोनिया गांधी ने सांसदों को संविधान की मर्यादा बनाए रखने की शपथ दिलाई। उन्होंने संविधान की प्रस्तावना पढ़ी और मौलिक मूल्यों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई।

कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने आज संविधान दिवस के मौके पर सरकार की तरफ से बुलाए गए संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक का बहिष्कार किया और संसद परिसर में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया। पहली बार संसद परिसर में कांग्रेस के इस विरोध प्रदर्शन में शिवसेना भी शामिल हुई।

जानकारी के मुताबिक इस सूची में कुल 160 विधायकों के हस्ताक्षर हैं। ये पार्टियां इस लिस्ट को राज्यपाल के सुपुर्द करेंगी और उनसे यह मांग करेंगी कि उन्हें सरकार बनाने का मौका दिया जाए।

महाराष्ट्र में सियासी घमासान जारी है। इन सब के बीच शिवसेना के साथ गठबंधन करके सत्ता पर काबिज होने को लेकर एनसीपी और कांग्रेस की तरफ से पत्ते नहीं खोले जा रहे हैं। राष्ट्रपति शासन लगने के बाद से राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य में चुनाव नतीजों के बाद से ही राजनीतिक अस्थिरता का दौर जारी है।