स्मृति ईरानी

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि माना जाता है कि महिलाओं की लड़ाई महिलाएं लड़ती हैं लेकिन हमारे देश का इतिहास रहा है, सभ्यता और परंपरा रही है कि जब तक कोई कुरीति समाज के सामने प्रस्तुत होती है, तो भाई भी अपना योगदान देने से चूकते नहीं।

वहीं राफेल लड़ाकू विमान के भारत आगमन पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को याद किया। स्मृति ईरानी ने लिखा है कि आज भाई को याद कर रही हूं।

वर्चुअल समिट में छात्रों की वर्तमान परिस्थिति में भूमिका, साहित्य, खेल, दिव्यांगों के सामने वर्तमान समय की चुनौतियां तथा आगे का रास्ता, महिलाओं की वैश्विक बदलाव में बड़ी भूमिका, अर्थव्यवस्था आदि विषयों पर छात्रों को वक्ता संबोधित करेंगे।

टीवी की मशहूर निर्माता एकता कपूर ने सोशल मीडिया पर केंद्रीय मंत्री और अपनी बेस्ट फ्रेंड स्मृति ईरानी का एक थ्रोबैक वीडियो शेयर किया है। जिसमें 21 साल की स्मृति रैंप वॉक करती हुई दिखाई दे रही हैं और पॉलिटिक्स में अपनी रुचि के बारे में बात कर रही हैं।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र अमेठी के रहने वाले एक युवक की दक्षिण अफ्रीका के तंजानिया में मलेरिया की बीमारी से मौत हो गई। बेटे के शव को वापस लाने के लिए बेबस पिता ने सांसद स्मृति ईरानी को पत्र भेजकर मदद की गुहार लगाई थी।

इस बैठक में केंद्र सरकार की ओर से घोषित आर्थिक सुधारों की समीक्षा भी होगी। सूत्रों ने बताया कि कोरोना के संकट से जूझते हर वर्ग को मिले राहत पैकेज की समीक्षा और आर्थिक सुधारों का क्रियान्वयन इस मीटिंग का एजेंडा है।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के माता पिता की आज 45वीं शादी की सालगिरह है। इस मौके पर उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने माता-पिता की एक पुरानी तस्वीर शेयर कर उन्हें सालगिरह की बधाई दी है।

एक महिला अपनी तीन साल की बेटी के साथ नौ सौ किलोमीटर पैदल चलकर मध्य प्रदेश के इंदौर से उत्तर प्रदेश के अमेठी पहुंच गई। अपने संसदीय क्षेत्र की इस महिला के बारे में खबर मिलते ही सांसद और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने जिला प्रशासन से पूरे परिवार की सुविधाओं का ख्याल करने को कहा।

रविवार की शाम कांग्रेस नेता राहुल गांधी के गौरीगंज स्थित जनसंपर्क कार्यालय पर प्रशासनिक छापेमारी की बात को लेकर कांग्रेस बेहद हमलावर अंदाज में नजर आ रही है

तीन वर्षीय बालक मयंकवीर सिंह कुछ समय पहले पटियाला में ननिहाल आया था। मां पुनीत कौर बच्चे को छोड़कर जम्मू के कठुआ घर चलीं गईं थीं। इस बीच लॉकडाउन की घोषणा होने पर बालक बाद में अपने घर नहीं जा सका।