स्विट्जरलैंड

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कालेधन से लड़ाई के खिलाफ इस कदम को काफी अहम करार दिया है। बोर्ड ने कहा है कि सितंबर से 'स्विस बैंक से जुड़ी गोपनीयता' का दौर समाप्त हो जाएगा।

वर्ल्ड नंबर-3 फेडरर ने पहले दौर के एक रोमांचक मुकाबले में नागल को 4-6, 6-1, 6-2, 6-4 से पराजित किया। दोनों खिलाड़ियों के बीच यह मैच कुल दो घंटे और 30 मिनट तक चला।

सुमित नागल ने मुख्य ड्रॉ में जगह बनाने के लिए क्वालीफाइंग के तीसरे दौर में ब्राजील के जोआओ मेनेजेस को एक कड़े मुकाबले में 5-7, 6-4, 6-3 से पराजित किया।

वर्ल्ड नंबर-1 पुरुष टेनिस खिलाड़ी सर्बिया के नोवाक जोकोविक ने रविवार को सेंटर कोर्ट पर खेले गए फाइनल में स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर को मात दे विंबलडन का खिताब अपने नाम कर लिया है। 

समाचर एजेंसी एफे के अनुसार, 2008 के बाद यह पहला मौका है जब एकल वर्ग में फेडरर और नडाल का सामना होगा। इस साल के दूसरे ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन में भी इन दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला हुआ था जिसमें स्पेनिश दिग्गज ने बाजी मारी थी।

स्विस बैंक में धन जमा करने वाले देशों की सूची में भारत का 74वां स्थान है, जबकि ब्रिटेन लिस्ट में टॉप पर है। स्विट्जरलैंड स्थित बैंक द्वारा जारी आंकड़ों से ये जानकारी सामने आई है। पिछले साल भारत 15 पायदान की छलांग के साथ सूची में 73वें स्थान पर था।

पहले सेट में स्विट्जरलैंड के खिलाड़ी को सोरिक ने 6-2 से पराजित करते हुए मुकाबले में बढ़त बना ली। फेडरर ने हालांकि, दूसरे सेट में दमदार वापसी की। उन्होंने बेस लाइन पर शानदार खेल दिखाया और 6-4 से जीत दर्ज करते हुए मुकाबले को बराबरी पर ला खड़ा किया।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के स्विट्जरलैंड दौरे को आरटीआई में बड़ा खुलासा हुआ है। बता दें कि कमलनाथ और तीन अन्य अधिकारी जनवरी 2019 में स्विट्जरलैंड दौरे पर गए थे। जिनके वहां पर रहने की व्यवस्था के लिए राज्य सरकार ने 1.58 करोड़ रुपये खर्च किए।

स्विट्जरलैंड के टेनिस रोजर फेडरर ने यहां अपने करियर में चौथी बार मियामी ओपन टेनिस टूर्नामेंट का खिताब जीता। 20 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता फेडरर ने फाइनल में मौजूदा चैम्पियन अमेरिका के जॉन इश्नर को सीधे सेटों में 6-1, 6-4 से करारी शिकस्त दी।

अगर आप भारत में रहते हैं तो आपको जापान व स्विट्जरलैंड में रहने वाले लोगों की तुलना में शुरुआती उम्र में ही बुढ़ापे के नकरात्मक प्रभावों से जूझना पड़ेगा। अपनी तरह के पहले वैज्ञानिक अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है।