हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन टैबलेट

WHO के मुताबिक, नोवेल कोरोनावायरस की उत्पत्ति जिस चीन से हुई है, वहां मई के महीने की शुरुआत से अब तक केवल 111 मामलों की पुष्टि हुई है।

इससे पहले हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा की सप्लाई के लिए ट्रंप ने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया था। ट्रंप के आग्रह को स्वीकार करते हुए सरकार ने दवा की बड़ी खेप अमेरिका भेजी थी।

चीन से दुनिया भर में फैले कोरोना वायरस से निजात पाने के लिए अमेरिका ने पहले भारत से हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा मांगी। ऐसा प्रतीत होता है कि भारत ने जब आगे बढ़कर अमेरिका को दवा भेज दी है, उसके बाद से व्हाइट हाउस का रुख ही बदल गया है।

इससे पहले मलेरिया की दवा देने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न सिर्फ भारत की प्रशंसा की थी बल्कि पीएम नरेंद्र मोदी को महान नेता करार दिया था। ट्रंप के इस बयान के बाद व्हाइट हाउस के ट्विटर हैंडल ने पीएम मोदी और राष्‍ट्रपति कार्यालय को फॉलो करना शुरू कर दिया था।

हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की एक खेप शनिवार को अमेरिका पहुंच गई। गौरतलब है कि इसे कोविड-19 के उपचार के लिए संभावित दवा के रूप में देखा जा रहा है।

हले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उनके देश ने कोरोनावायरस की महामारी से लड़ने के लिए हाइड्रॉक्सी क्लोरोक्वीन की 2.9 करोड़ खुराक खरीदी है, जिसमें भारत की बहुत बड़ी हिस्सेदारी है।

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा के निर्यात को मंजूरी मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ में जमकर कसीदे पढ़े हैं।

ब्राजीली राष्ट्रपति ने अपनी चिट्ठी में कहा कि उनके देश में दो लैब हैं जो कोरोना की वैक्सीन बना रही हैं, लेकिन उनकी सप्लाई पूरी तरह से भारत पर निर्भर है, ऐसे में भारत से लगातार मदद की उम्मीद है।

डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी न्यूज चैनल फॉक्स न्यूज ने बातचीत के दौरान कहा- नरेंद्र मोदी ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के मामले में हमारी मदद की है, वह काफी अच्छे हैं। ट्रंप ने कहा कि हम विदेश से कई दवाईयां मंगवा रहे हैं। इसमें भारत में बनाई जाने वाली हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवाई भी शामिल है। इसे लेकर मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बात की थी।

इससे पहले पीएम मोदी ने शनिवार को खुद ही अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ हुई बाचतीत की जानकारी दी थी। पीएम ने ट्रंप से हुई चर्चा की जानकारी देते हए ट्वीट किया था, 'राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से टेलिफोन पर विस्तार से चर्चा हुई। हमारी चर्चा अच्छी रही और हम कोरोना वायरस के खिलाफ भारत-अमेरिका साझीदारी की पूर्ण ताकत का इस्तेमाल करने पर सहमत हुए।'