हिंदू

ताहिर हुसैन ने दिल्ली पुलिस की पूछताछ में कबलू किया कि मेरे जानकर खालिद सैफी ने कहा कि तुम्हारे पास राजनीतिक पावर और पैसा दोनों है, जिसका इस्तेमाल हिंदुओं के खिलाफ और कौम के लिए करेंगे।

USCIRF कमिश्नर जॉनी मूरे के मुताबिक, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने बीते दिनों एक साथ इस लड़ाई में हिस्सेदारी की बात कही थी। ऐसे में अब अवसर है कि वह अपने देशवासियों को एक राह दिखाएं और लोगों से किसी तरह का भेदभाव ना करने की अपील करें।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह एक बार फिर से गरजे हैं। इस बार उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अगर हिंदू एकजुट नहीं हुए तो उन्हें पछताना पड़ेगा।

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इस मांग को 2003 में तब विपक्ष के नेता मनमोहन सिंह ने राज्यसभा में उठाया था। वही कांग्रेस जो अभी सरकार के द्वारा लाए इस बिल का विरोध कर रही है वह अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय संसद में खड़े होकर इस बात के लिए सरकार को तैयार करने के लिए दवाब बनाने की कोशिश कर रही थी।

नालंदा जिले के बेन प्रखंड के माड़ी गांव में सिर्फ हिन्दू समुदाय के लोग रहते हैं। लेकिन यहां एक मस्जिद भी है। और यह मस्जिद मुसलमानों की अनुपस्थिति में उपेक्षित नहीं है, बल्कि हिंदू समुदाय इसकी बाकायदा देख-रेख करता है।

कांग्रेस शासित राज्यों से वीर सावरकर को लेकर कई तरह की घटिया टिप्पणी जारी है। वीर सावरकर की जयंती से ठीक पहले ही उन्हें नायक से खलनायक बनाने की कवायद तेज कर दी गई।

बनारस में चल रही राजनीतिक हलचलों से अल्लाह के काम में बाधा पहुंच रही है और वह अब पहले की तरह मंदिर में खुलेआम न जाकर चुपके से जाता है, ताकि किसी को पता न चल सके कि वह मुसलमान होकर मंदिर में काम करता है।

रुद्राक्ष के विषय में उसके गुणों को देखकर उनके महत्व को परिभाषित किया जाता है। रुद्राक्ष को आध्यात्मिक रुप में अधिक उपयोग में लाया जाता है।

यूपी के धामपुर में चुनावी जनसभा को संबोधित करने पहुंचे बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी के दो सीटों पर चुनाव लड़ने को लेकर तीखा तंज कसा। उन्‍होंने कहा कि राहुल गांधी अमेठी में हार के डर से केरल के वायनाड भाग रहे हैं ताकि वहां ध्रुवीकरण के जरिए जीत हासिल कर सके। शाह ने 'हिंदू आतंकवाद' को लेकर भी कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लिया।

दिल्ली के आदर्श नगर इलाके में पाकिस्तान से भारत आए कुछ शरणार्थियों का अब घर है। अपनी धार्मिक पहचान के कारण इन परिवारों को पाकिस्तान छोड़कर भारत आना पड़ा। बता दें कि 3.2 एकड़ के क्षेत्र में 110 पाकिस्तानी हिंदू परिवारों ने आसरा ले रखा है। इनमें 720 लोग हैं जिनमें से 180 बच्चे हैं और 240 महिलाएं।