1984 सिख दंगा

कमलनाथ शुरू में इस मामले के आरोपी थे, लेकिन अदालत को उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला था। अब गांधी परिवार के वफादार माने जाने वाले 72 वर्षीय कांग्रेस नेता के लिए फिर से परेशानी खड़ी हो गई है।

प्रदर्शनकारियों ने प्रियंका के दौरे का विरोध करने के लिए कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा की 'हुआ तो हुआ' टिप्पणी पर सवाल खड़े किए, जिसे पित्रोदा ने 1984 की हिंसा के संदर्भ में कहा था। प्रियंका गांधी के साथ जाखड़, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, पार्टी की पंजाब प्रभारी आशा कुमारी और कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू मौजूद थे।

उन्होंने कहा कि उनकी हिंदी अच्छी नहीं है, और इसलिए उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया। इंडियन ओवरसीस कांग्रेस के अध्यक्ष पित्रोदा ने गुरुवार को 1984 के सिख विरोधी दंगे को यह कहकर खारिज कर दिया था, "हुआ तो हुआ।"

हरियाणा के रोहतक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक चुनावी रैली को संबोधित करते कांग्रेस पर जमकर बरसे। प्रधानमंत्री मोदी ने सैम पित्रोदा के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि 1984 के दंगों का कांग्रेस पर कोई असर नहीं हुआ। कांग्रेस के बड़े नेता ने साफ कहा कि 1984 का दंगा 'हुआ तो हुआ'।

नई दिल्ली। 1984 सिख विरोधी दंगे मामले में आए दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद राजनीति गरमा गई है। दरअसल...

नई दिल्ली। 1984 सिख विरोधी दंगे मामले में आए दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद राजनीति गरमा गई है। दरअसल...