AAP

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले क्रिकेटर से राजनेता बने प्रदेश के पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को लुभाने की कोशिश कर रही है।

30 मई 2019 को जैसे ही नरेंद्र मोदी सरकार 2.0 का गठन हुआ। उसके बाद से ही सरकार की तरफ से जनहित में कई फैसले बड़ी तेजी से लिए गए।

दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान ने 28 अप्रैल के अपने बयान को लेकर माफी मांगी है। उन्होंने बयान जारी कर कहा, "मेरा इरादा गलत नहीं था।

दिल्ली पुलिस की विशेष इकाई चांदबाग इलाके के खतरनाक बदमाश मूसा और सलमान के बीच मोबाइल पर हो रही बातचीत को दंगों के दौरान गुपचुप तरीके से सुन रही थी। जैसे ही सलमान ने मूसा को बताया कि उसने भीड़ के बीच में घुसकर एक आदमी को चाकूओं से गोद डाला है, वैसे ही दिल्ली पुलिस की विशेष इकाई और स्पेशल ब्रांच (खुफिया विंग) सतर्क हो गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक अंकित के शरीर पर 6 कट के निशान थे जिसमें स्क्रैच भी थे। बाकी 33 चोट के निशान थे जिसमें रॉड और डंडे जैसे भारी ऑब्जेक्ट से अंकित के सिर और शरीर पर लगातार वार किया गया था।

अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में कहा कि केंद्र सरकार देश की जनता से प्रमाण पत्र मांग रही है मगर मेरे पास और मेरी पत्नी के पास भी जन्म प्रमाण पत्र नहीं हैं।

इस पूरे मामले पर एक बार फिर आप के विधायक अमानतुल्लाह खान ताहिर हुसैन के बचाव में सामने आ गए और सोशल मीडिया पर उन्होंने ताहिर की गिरफ्तारी को धर्म सो जोड़कर एक नया बखेड़ा खड़ा कर दिया।

ताहिर हुसैन ने सरेंडर से पहले एक टीवी चैनल पर कहा कि मुझे अपने देश के कानून पर विश्वास है। मैं बेकसूर हूं और हर किसी टेस्ट के लिए तैयार हूं। उन्होंने कहा कि मैं नारको टेस्ट के लिए तैयार हूं मैंने कोई अपराध नहीं किया है। मुझे एक राजनीतिक षड्यंत्र के तहत फंसाया जा रहा है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान हत्या के एक मामले में फरार चल रहे आम आदमी पार्टी (आप) के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन पर हिंसा के समय हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया है। सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी।

आम आदमी पार्टी से निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज हो गई है। यह एफआईआर नॉर्थ ईस्ट जिले के दयालपुर थाने में दर्ज हुई है। इस एफआईआर में ताहिर के मकान से चल रही गोलियों और पत्थरबाजी का जिक्र है।