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दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की करारी हार हुई है। इस हार से भाजपा का शीर्ष नेतृत्व सकते में है। पूरे दमखम और केंद्रीय नेतृत्व की पूरी फौज चुनावी समर में झोंकने के बावजूद भाजपा को महज 8 सीटों पर जीत मिली।

दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की बंपर जीत हुई है। वहीं दिल्ली भाजपा के दो नेता ऐसे रहे, जिनका केजरीवाल की आंधी में भी कुछ नहीं बिगड़ा। लगातार दूसरी बार सीट बचाने में सफल रहे ये नेता हैं रोहिणी विधानसभा सीट से जीते विजेंद्र गुप्ता और विश्वासनगर से तीसरी बार विधायक बने ओम प्रकाश शर्मा। 

हार साफ देखने के बाद कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ''जनता ने अपना जनादेश दे दिया। जनादेश कांग्रेस के विरुद्ध भी दिया है। हम कांग्रेस और डीपीसीसी की तरफ से इस जनादेश को विनम्रता से स्वीकार करते हैं।"

कांग्रेस दिल्ली विधानसभा के चुनाव में बुरी तरह पटखनी खा चुकी है। वह कहीं लड़ाई में नजर नहीं आ रही है। इसके बावजूद कांग्रेस के नेता आम आदमी पार्टी की जीत और बीजेपी की हार से बेहद खुश हैं।

ओखला से कांग्रेस नेता परवेज अहमद ने कहा, "कांग्रेस अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में अच्छा करने की उम्मीद कर रही थी, लेकिन मुस्लिमों ने भाजपा के जीत के डर से आप को वोट किया।"

दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे अब साफ होते दिख रहे हैं। शुरुआती रुझानों में आम आदमी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलता दिख रहा है। रुझानों के बाद भाजपा और कांग्रेस ने अपनी हार भी स्वीकार कर ली है। वहीं आम आदमी पार्टी के दफ्तर में जश्न का माहौल है।

घटना शनिवार को चांदनी चौक स्थित मजनू टीला मतदान केंद्र के बाहर हुई। कांग्रेस उम्मीदवार अलका लांबा यहां एक बूथ का निरीक्षण करने गई थीं। पोलिंग बूथ से बाहर आने पर उनकी मुलाकात आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार प्रह्लाद सिंह साहनी के बेटे पूरन सिंह साहनी व आम आदमी पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं से हुई।

एक प्राइवेट न्यूज चैनल के रिपोर्टर अंकित गुप्ता इसको लेकर अपने ट्वीट में कहते हैं कि, "वैसे Delhi Exit Polls के आने के बाद एक बात थोड़ी अजीब लग रही है कि जिस आम आदमी पार्टी के पक्ष में सारे नतीजे दिख रहे हैं वो अभी भी खुलकर नहीं बोल पा रही

दिल्ली चुनाव के नतीजे 11 फरवरी को आएंगे, और तभी साफ हो पाएगा कि सरकार किसकी बनेगी और किसको कितना वोट शेयर मिला। भाजपा नेताओं की तरफ से भी दावा किया जा रहा है कि दिल्ली में भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है।

गौरतलब है कि भाजपा के नेता दावा तो कर रहे हैं कि दिल्ली में केजरीवाल को नुकसान होगा और भाजपा पूरे बहुमत से आएगी, लेकिन असली नतीजे क्या होंगे, ये तो 11 फरवरी को ही पता चलेंगे।