Afganistan

Chinese Spies: दरअसल चीन(China) ने इन पकड़े गए जासूसों को छोड़ने की मांग की थी लेकिन अफगानिस्तान की तरफ से इस मांग को ठुकरा दिया गया। वहीं इस जासूसी नेटवर्क के खुलासे को राष्ट्रपति अशरफ घनी ने गंभीरता से लेते हुए जांच का जिम्मा प्रथम उपराष्ट्रपति Amrullah Saleh को सौंप दिया है।

राज ने पत्र में कहा कि 15 जुलाई को पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान की सीमा चौकियों और कुनार प्रांत के साराकानो तथा असद अबाद जिलों में रिहायशी इलाकों में ‘‘बिना उकसावे के तोपें दागनी’’ शुरू की।

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता तारेक एरियन ने तालिबान को इस घातक बम धमाके का दोषी करार दिया है। इस मामले में अभी तक तालिबान संगठन ने कुछ नहीं कहा है जोकि शिबर्घान के साथ जावजन प्रांत के कुछ हिस्सों में सक्रिय है।

रक्षा मंत्रालय ने बताया कि हमला बल्ख जिले के दाव्लत अबद के खिली गुली इलाके में अफगान नेशनल आर्मी और राष्ट्रीय सुरक्षा निदेशालय के संयुक्त सैन्य बेस पर किया गया।

उत्तर भारत के कई स्थानों पर भूकंप के झटके महसूस किये हैं, जिसका केंद्र अफगानिस्तान का हिंदुकुश बताया जा रहा है। 5 बजकर 9 मिनट पर आए इस भूकंप के झटकों की तीव्रता 6.8 बताई जा रही है।

प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता उमर जवाक ने हमले की पुष्टि की। उन्होंने कहा, "घटना को लेकर एक जांच शुरू की गई है और मीडिया से उचित जानकारी साझा की जाएगी।" तालिबान ने हमले की जिम्मेदारी ली है।

दोहा पहुंचने से पहले, खलीलजाद दो दिनों के लिए काबुल में थे, जिस दौरान उन्होंने अफगानिस्तान के शीर्ष सरकारी अधिकारियों और पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई सहित प्रमुख राजनेताओं के साथ बातचीत की।

लादेन की मौत के बाद उसके बेटे हमजा ने कई बार अमेरिका आतंकवादी हमले की धमकी दी थी। अब अमेरिका ने हमजा को भी मार गिराया है।

स्तावित समझौते के अनुसार, अमेरिका अफगानिस्तान से 20 सप्ताहों के अंदर 5,400 अमेरिकी सैनिक वापस बुलाएगा। हालांकि खलीलजाद ने कहा कि ट्रंप के साथ अंतिम मंजूरी अभी बाकी है।

हालांकि अभी तक किसी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। इससे 10 दिन पहले भी काबुल में बम धमाका हुआ था, जिसमें 95 लोग घायल हो गए थे। यह धमाका एक कार में किया गया था।