Agriculture Law

Farmers Protest: राकेश टिकैत के इस दावे के बाद से लोग भाजपा के उस सांसद के नाम को लेकर अटकलें लगाना शुरू कर चुके हैं। लोग तो यह तक मानने लगे हैं कि पश्चिमी यूपी का कोई सांसद किसानों के समर्थन में अपने पद से इस्तीफा दे सकता है। लेकिन वहीं कुछ लोग यह मानने लगे हैं कि यह शुरुआत पंजाब या हरियाणा से हो सकती है।

कृषि कानूनों को लेकर सड़क से संसद तक घमासान जारी है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे को लेकर विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। वहीं, भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, हम आर्थिक मामलों की जानकारी के लिए गीता गोपीनाथ जैसे लोगों के पास जाते हैं जबकि विपक्ष के लोग रिहाना, मिया खलीफा और ग्रेटा थनबर्ग के रास्ते पर चलते हैं।

Farmers Law: राज्यसभा में जब किसान आंदोलन और कृषि कानून को लेकर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) बोल रहे थे तो हरियाणा से कांग्रेस के सांसद दीपेंद्र हुड्डा (Dependra Hooda) ने उनपर झूठ बोलने का आरोप लगाया। कुछ देर तक तो कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, सांसद दीपेंद्र भाई..दीपेंद्र भाई का संबोधन कर उन्हें शांत रहने का आग्रह करते रहे और आखिर में नाराज होकर कहा कि कान खोलकर सुनो और अगली बार जब कृषि पर बहस हो तो पढ़कर आना।

Farmers Protest: लाल किले पर हुई हिंसा और अराजकता में केंद्र सरकार को घेर रहे सभी दल, दीप सिद्धू का भाजपा से संबंध दिखाकर इसे अलग करने की कोशिश करने लगे और यह बताने लगे कि सरकार के द्वारा यह पूरी साजिश रची गई। ताकि किसानों के आंदोलन को कमजोर किया जाए। लेकिन इस लाल किले की अराजकता के माहौल के बीच जिस तरह से राजनीतिक दलों के नेताओं की फोटो वहां से वायरल हुई उसने इनकी पोल खोलकर रख दी।

Agricultural law: कृषि कानूनों के खिलाफ देश के पूर्व कृषि मंत्री शरद पवार (Sharad Pawar) भी किसानों के समर्थन में उतर आए हैं। इससे पहले मुंबई के आजाद मैदान में किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान वह मंच पर भी मौजूद थे। और उससे पहले वह राषट्रपति से मिलकर इन कृषि कानूनों को खारिज करने के लिए ज्ञापन भी सौंप चुके हैं। शरद पवार यूपीए सरकार के दौरान कृषि मंत्री थे और उनके एक पत्र ने खूब सुर्खियां सोशल मीडिया पर बटोरी जब उन्होंने अपने समय में देश के सभी मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर इस कृषि कानून को बनाने की इसी रूपरेखा पर बात की थी और राय मांगी थी।

देश में कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन जारी है। इसी बीच सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वो कृषि कानूनों (Farmers Law) का समर्थन करते हुए इसके फायदे बता रहे हैं।

दिल्ली की सीमा पर केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों (Farmers Law) के खिलाफ प्रदर्शन (Farmer Protests) कर रहे किसान अड़े हुए हैं। ऐसे में सोमवार को किसान आंदोलन से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में सुनवाई हुई।

Farmers Protest: कांग्रेस (Congress) नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सरकार द्वारा बनाए गए 3 कृषि कानूनों का विरोध कर रही है और कह रही है कि इससे देश के किसानों को नुकसान होगा। ऐसे में वह किसानों के साथ खड़े हैं। जबकि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ये तक बोल चुके हैं कि किसान किसी भी हालत में आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। सरकार को अपने अंदर से ये बात निकाल देनी चाहिए की कृषि कानूनों को खारिज करने से कम पर किसान मानने वाले नहीं हैं। ऐसे में भाजपा की तरफ से वामदलों और कांग्रेस को इस आंदोलन में आग में घी डालने वाला बताया जा रहा है।

Farmers Protest: कृषि कानूनों को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) गुरुवार को  विजय चौक से लेकर राष्ट्रपति भवन तक मार्च करेंगे। इसकी जानकारी कांग्रेस सांसद के सुरेश (Congress MP K Suresh) ने दी है।

National Farmers Day: विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के नाम पर राजनीति करने वाले लोग जब सत्ता में आते थे तो चीनी मीलों के बंद होने पर चुप्पी साध लेते थे। लेकिन हमारी सरकार में कोरोना काल के दौरान भी चीनी मिलें चलती रही।