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इससे पहले अरुण जेटली का हाल जानने के लिए शुक्रवार देर रात भाजपा के कई आला नेता एम्स पहुंचे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी एम्स जाकर जेटली का हाल जाना।  

मोदी सरकार-1 में वित्त मंत्री रहे अरुण जेटली नौ अगस्त से दिल्ली के एम्स में भर्ती हैं। इस समय वो ICU में हैं और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी हालत स्थिर बनी हुई है।

नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वित्त मंत्री रहे अरुण जेटली को दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया है। सुबह 11 बजे अरुण जेटली को चेकअप के लिए एम्स में भर्ती कराया गया।

डॉक्टरों का कहना था कि विधेयक में शामिल किए गए प्रावधानों से नीम-हकीमों को प्रोत्साहन मिलेगा। लोकसभा में पारित किए गए इस विधेयक के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने विरोध प्रदर्शन किया।

योगी सरकार उन्नाव पीड़िता को दिल्ली भेजने की तैयारी में है। उसे बेहतर इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराया जा सकता है। योगी सरकार उसकी स्थिति में कुछ सुधार आते ही उसे एयर एंबुलेंस के जरिए एम्स भेज सकती है।

लोकसभा में नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) बिल पारित होने के बाद देशभर में डॉक्टर्स का विरोध बढ़ता जा रहा है। दिल्ली के रेजिडेंट डॉक्‍टर इसके खिलाफ आज हड़ताल पर रहेंगे। डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से मरीजों को दिक्कतों का सामना कर पड़ सकता है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "डॉक्टर के साथ कथित बदसलूकी करने और गाली देने वाले दो लोगों को हमने हिरासत में ले लिया है, जबकि तीसरा फरार हो गया। तीसरे को पकड़ने के लिए हमने टीमें गठित की हैं।"

कोलकाता के नील रत्न सरकार मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों से मारपीट के बाद जारी हड़ताल में सीनियर डॉक्टरों ने भी अपना समर्थन दे दिया है।

पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों की हड़लात का असर पूरे देशभर में देखने को मिल रहा है। इस मामले में डॉक्टरों की तरफ से 6 शर्तें रखी गईं। जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से माफी मांगने की भी बात कही गई है।

आरडीए की ओर से एक बयान में कहा गया, "आरडीए एम्स पश्चिम बंगाल सरकार को हड़ताली चिकित्सकों की मांगों को पूरा करने के लिए 48 घंटे का एक अल्टीमेटम जारी करता है