Ajit Doval

इस महीने की शुरुआत में अनुच्छेद-370 के निष्प्रभावी होने के बाद से राज्य में एहतियातन सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। गृह मंत्रालय में शाह की अध्यक्षता में बैठक हुई। गृह सचिव राजीव गौबा और वरिष्ठ खुफिया अधिकारी भी इस बैठक में शामिल हुए।

स्टेडियम में रंगारंग कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। लोग अपने हाथों में तिरंगा झंडा लेकर कार्यक्रम में मौजूद रहे। अलगाववादियों को उम्मीद थी कि स्थानीय लोग आजादी के इस कार्यक्रम का विरोध करेंगे मगर स्टेडियम में आई भीड़ ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

NSA अजीत डोभाल ने ईद पर J&K पुलिस के साथ खाया खाना

सरकार ने इंतिफादा -पथराव और अलगाववादी आंदोलनों- के संभावित सभी नेताओं को बड़ी सावधानी के साथ एयरलिफ्ट किया। अब यह बात सामने आई है कि इसकी तैयारी एनएसए के पूर्ण समर्थन से 15 दिनों पूर्व ही कर ली गई थी। 

गुलाम नबी आजाद के इस बयान पर भाजपा की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया दी गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा है कि गुलाम नबी आजाद ने अपने बयान से कश्मीरियों का मजाक उड़ाया है, उन्हें तत्काल कश्मीरियों से माफी मांगनी चाहिए।

J&k: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल शोपियां पहुंचे, लिया स्थिति का जायजा

लोग अब इस बात को भी महसूस कर रहे हैं कि कश्मीर के नेताओं ने अपने स्वार्थों की खातिर उन्हें गुमराह किया और 370 को खत्म नहीं होने दिया। इसी के चलते कश्मीर में बड़ी इंडस्ट्रीज नहीं आ सकी।

गृहमंत्री को सीमा के हालात से अवगत कराया गया है, जहां भारतीय बलों ने 31 जुलाई और एक अगसत की दरम्यानी रात उस समय कुछ पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया, जब उन्होंने जम्मू एवं कश्मीर में घुसपैठ की कोशिश की थी।

अजीत डोभाल सभी को असमंजस में डालकर घाटी से चले गए। क्या उन्होंने किसी को भी विश्वास में नहीं लिया? एक नाम जरूर है, जिस पर प्रधानमंत्री और एनएसए का विश्वास है, वह हैं बी.वी.आर. सुब्रमण्यम।

अजीत डोभाल ताबड़तोड़ फैसले और सटीक रणनीती बनाने के लिए जाने जाते हैं। इससे पहले डोभाल बुधवार को सीक्रेट मिशन के तहत घाटी के दौरे पर श्रीनगर पहुंचे थे। वहां पहुंचकर उन्होंने आला अधिकारियों के साथ बैठक की।