Ajit Doval

पीएम दफ्तर ने पीएमओ के इन दो सबसे ताकतवर अधिकारियों के बीच कामकाज की स्थिति स्पष्ट कर दी है। इसके साथ ही नेशनल सेक्योरिटी एडवाइजर अजित डोभाल के काम के एरिया को भी स्पष्ट कर दिया गया है।

अजीत डोभाल ने कश्मीर की स्थिति को लेकर साफ कर दिया है कि, वहां के अधिकतर लोग सरकार के फैसले के साथ हैं। डोभाल ने कहा कि सिर्फ कुछ उपद्रवी तत्व हैं जो आर्टिकल 370 हटाने का विरोध कर रहे हैं।

मोदी 5वें पूर्वी आर्थिक मंच में मुख्य अतिथि के रूप में और दोनों देशों के बीच 20वें वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए व्लादिवोस्तोक के दौरे पर जाएंगे। पदभार ग्रहण करने के बाद से जयशंकर की यह पहली मॉस्को यात्रा होगी।

इस महीने की शुरुआत में अनुच्छेद-370 के निष्प्रभावी होने के बाद से राज्य में एहतियातन सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। गृह मंत्रालय में शाह की अध्यक्षता में बैठक हुई। गृह सचिव राजीव गौबा और वरिष्ठ खुफिया अधिकारी भी इस बैठक में शामिल हुए।

स्टेडियम में रंगारंग कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। लोग अपने हाथों में तिरंगा झंडा लेकर कार्यक्रम में मौजूद रहे। अलगाववादियों को उम्मीद थी कि स्थानीय लोग आजादी के इस कार्यक्रम का विरोध करेंगे मगर स्टेडियम में आई भीड़ ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

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सरकार ने इंतिफादा -पथराव और अलगाववादी आंदोलनों- के संभावित सभी नेताओं को बड़ी सावधानी के साथ एयरलिफ्ट किया। अब यह बात सामने आई है कि इसकी तैयारी एनएसए के पूर्ण समर्थन से 15 दिनों पूर्व ही कर ली गई थी। 

गुलाम नबी आजाद के इस बयान पर भाजपा की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया दी गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा है कि गुलाम नबी आजाद ने अपने बयान से कश्मीरियों का मजाक उड़ाया है, उन्हें तत्काल कश्मीरियों से माफी मांगनी चाहिए।

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लोग अब इस बात को भी महसूस कर रहे हैं कि कश्मीर के नेताओं ने अपने स्वार्थों की खातिर उन्हें गुमराह किया और 370 को खत्म नहीं होने दिया। इसी के चलते कश्मीर में बड़ी इंडस्ट्रीज नहीं आ सकी।