Akhilesh Yadav

सदन में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि आजम खान के शब्द या भावना में कुछ गलत नहीं है। कोई गलत बात नहीं की गई है। अखिलेश ने सत्तापक्ष के लोगों की आलोचना करते हुए कहा कि यह किसी को सदन में बोलने नहीं दे रहे हैं।

आजम खान ने कहा कि "तू इधर-उधर की बात ना कर, ये बता कि काफिला क्यों लुटा" आजम ये शेर लोकसभा डिप्टी स्पीकर की तरफ ना देखकर सत्ता पक्ष की तरफ देखकर कह रहे थे। जिसके बाद रमा देवी ने कहा कि, "आप भी इधर देखकर बात करें।"

केंद्र सरकार उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से जेड प्लस (ब्लैक कैट कमांडो) सुरक्षा वापस लेने की तैयारी में है। सूत्रों ने बताया कि ऐसे कम से कम दो दर्जन अन्य वीआईपी की सुरक्षा भी या तो वापस ली जाएगी या उसमें कटौती की जाएगी।  

बता दें कि हाल ही में रामपुर के एसपी अजयपाल शर्मा ने जानकारी दी कि समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान के खिलाफ 23 एफआईआर दर्ज की गई हैं. ये सभी मामले जमीन अतिक्रमण के हैं।

मायावती की तानाशाही और भाई-भतीजावाद से नाराज़ ये धड़ा भी पाला बदलकर बीजेपी में जा सकता है। इस तरह बीजेपी जल्द ही बहुमत के करीब पहुंच सकती है।

पुलिस अधीक्षक डाक्टर अजय पाल शर्मा का कहना है, "आजम खां के खिलाफ दर्ज मुकदमों की विवेचना तीन सदस्यीय स्पेशल टीम करेगी। विवेचना पूरी तरह निष्पक्ष होगी। उन्होंने बताया कि भूमाफिया व हिस्ट्रीशीटर में अंतर होता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आजम खान ने जमीन पर 'जबरन कब्जा' करने से पहले 2 दर्जन से ज्यादा किसानों को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखवाया और कई दिनों तक उन्हें प्रताड़ित किया।

लोकसभा चुनाव 2019 में सपा-बसपा ने एकसाथ मिलकर मोदी के विजय रथ को रोकने की कोशिश की लेकिन नाकामयाब हुए। नतीजे आए तो चुनाव पूर्व गठबंधन पर फूले नहीं समा रहे अखिलेश-मायावती को निराशा हाथ लगी।

चुनाव खत्म होते ही बसपा ने सपा से अलग होने का फैसला कर लिया है। बसपा का आरोप है कि सपा के परंपरागत वोट बसपा के उम्मीदवार को ट्रांसफर नहीं हुए। हालांकि कि ये अलग बात है कि बसपा ने सपा का सहारा लेकर अपनी झोली में 10 सीट डाल ली।

लोकसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच सियासी तकरार लगातार जारी है। वहीं इन सबके बीच सुप्रीमो मायवाती ने ट्वीट कर समाजवादी पार्टी के साथ अपना गठबंधन आधिकारिक रूप से खत्म कर लिया है।