amantullah khan kejriwal

जानकारी के मुताबिक, अमानतुल्लाह खान विधानसभा चुनाव होने के बाद भी वक्फ बोर्ड के ऑफिस आकर चेयरमैन के तौर पर काम कर रहे थे। लेकिन वह कानूनी तौर पर चयरमैन नहीं थे, क्योंकि दोबारा बोर्ड के अध्य्क्ष का चुनाव नहीं हुआ था। इसके बीच विधानसभा मामलों की समिति और दिल्ली सरकार के मंत्री कैलाश गहलोत ने उन्हें पद से हटाने का फैसला किया है।

खास बात यह है कि आप के अमानतुल्लाह खान ने 100726 वोट हासिल कर जीत का लक्ष्य हासिल कर लिया है। 8 फरवरी को हुए मतदान में इस सीट पर कुल 197170 वोट पड़े।