Article 370

जम्मू-कश्मीर सरकार ने मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत चल रही नजरबंदी के आदेश को रद्द कर दिया है। जम्मू-कश्मीर सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के पीएसए नजरबंदी आदेश को निरस्त कर दिया गया है।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाने से संबंधित याचिकाओं को बड़ी पीठ के पास भेजने से इनकार कर दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के एक दिन के प्रवास पर पहुंचे हैं और यहां उन्होंने अपनी संसदीय क्षेत्र की जनता को हजारों करोड़ रुपए की सौगात दी।

अनुच्छेद 370 के पांच महीने से ज्यादा वक्त बीतने पर अभिनेत्री जायरा वसीम ने सोशल मीडिया पर लंबा चौड़ा पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट के जरिए जायरा ने कई सवाल उठाए हैं।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को अनुच्छेद 370 को रद्द करने के सरकार के फैसले को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि इसने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के समान विकास का मार्ग प्रशस्त किया है।

नकवी जब लाल चौक पर पहुंचे तो उन्हें वहां देख लोग हैरान रह गए और अपनी प्रतिक्रिया देने लगे। नकवी को लाल चौक में देखकर एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि 'यह तो मुख्तार अब्बास नकवी है। यह यहां कैसे?'

सेना प्रमुख ने पाकिस्तान का बिना नाम लिए बिना कहा कि सेना आतंक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलती है और इसका जवाब देने के लिए भारतीय सेना के पास कई विकल्प हैं। साथ ही उन्होंने सेना के भविष्य के प्लान्स भी साझा किए।

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाने के बाद लगाई गई पाबंदियों के खिलाफ दायर याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 'जम्मू7 कश्मी)र में पाबंदियों के आदेश की समीक्षा के लिए कमेटी बनेगी।

बेग ने कहा कि 'टू नेशन थ्योरी' न तो जिन्ना ने बनाई थी और न ही सावरकर ने, बल्कि अंग्रेजों ने इस थ्योरी को बनाया। इसके तहत उन्होंने हिंदुओं और मुसलमानों का बंटवारा किया।

भारतीय राजनीति में इस साल कुछ घटनाएं ऐसी हुईं, जिनका जब भी जिक्र होगा तो 2019 की याद हमेशा आएगी। 2020 का स्वागत करने के साथ ही इन घटनाओं को भी याद करना जरूरी होगा। साल 2019 में एनडीए गठबंधन को फिर से केंद्र की सत्ता मिल गई लेकिन भाजपा के कई दिग्गज नेताओं को खोने का दुःख भी इस साल पार्टी के हिस्से में आया। पार्टी को इससे बड़ा झटका लगा।