Ashok Gahlot

आलाकमान को लगता है कि सचिन पायलट का ऐसे वक्त में अड़ जाना सही फैसला नहीं है जबकि उन्हें महज 15 विधायकों का ही समर्थन प्राप्त है। कांग्रेस के एक सीनियर नेता की मानें तो सचिन पायलट अभी अपने समर्थकों को एकजुट रख पाने में सक्षम नहीं हैं।

राजस्थान में मौजूदा समय में जो सियासी संकट पैदा हुआ है, उसका कारण यही चिट्ठी है। बताया जा रहा है कि इस नोटिस के मिलने के बाद से ही सचिन पायलट नाराज़ है।

नाम नहीं छापने की शर्त पर भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि मध्यप्रदेश में स्थिति भिन्न थी, लेकिन इसके उलट राजस्थान में सीटों का अंतर भाजपा और कांग्रेस के बीच ज्यादा है।

सूत्रों के अनुसार, पायलट खेमे के सदस्य माने जाने वाले विधायक पी. आर. मीणा ने राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार द्वारा उनसे किए जाने वाले सौतेले व्यवहार से सोनिया गांधी को अवगत कराने के लिए उनसे मिलने की मांग की थी।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसको लेकर कहा जा रहा है कि, कांग्रेसी राशन बांटने के नाम पर पीएम मोदी और राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत की तुलना कर लोगों से सवाल पूछ रहे हैं।

जिस तरह ज्योतिरादित्य सिंधिया के संबंध लगातार बिगड़ रहे थे ठीक वैसे ही संबंध सचिन पायलट का भी राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ देखने को मिलता रहता है।

गहलोत ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए ये भी कहा कि सरकार हर बजट में बड़ी घोषणाएं कर रही है लेकिन हर बार उन घोषणाओं पर अमल नहीं हो पाता है इस बजट की बड़ी घोषणा को लेकर भी यही हालत होने वाली है।

राजस्थान के कोटा अस्पताल में बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है। कोटा जिले के जेके लोन अस्पताल में दिसंबर के अंतिम दो दिन में कम से कम 8 और शिशुओं की मौत हो गई। इसके साथ ही इस महीने अस्पताल में मरने वाले शिशुओं की संख्या 100 हो गई है।

रखपुर में दिमागी बुखार और बिहार के मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से मरनेवाले लोगों और बच्चों पर सियासत खूब देखने को मिली थी। लगातार ये दोनों खबरें मीडिया की सुर्खियां बनी रहीं। लेकिन राजस्थान के कोटा में 48 घंटे में 10 बच्चे की मौत और साल भर में हजार से ज्यादा बच्चों की मौत पर भी सब कुछ सामान्य नजर आ रहा है।

अगर मनमोहन सिंह राजस्थान से चुने जाते हैं, तो वह तीन अप्रैल, 2024 तक राज्यसभा सदस्य होंगे। कांग्रेस को राज्य विधानसभा में बहुमत प्राप्त है, जिससे मनमोहन सिंह के लिए उपचुनाव जीतना आसान है।