ashok gehlot

राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व से नाराज होकर बागी हुए सचिन पायलट सहित 19 कांग्रेस विधायकों की वापसी की संभावना के सवाल पर सुरजेवाला ने कहा, सबसे पहले बागी विधायक वार्तालाप करें और उसको करने के लिए पहली शर्त है कि भाजपा की मेजबानी छोड़ें।

राजस्थान में चल रही सियासी उठापटक ने उस समय दिलचस्प मोड़ ले लिया जब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का अनुरोध लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्यपाल कलराज मिश्र के दर पर पहुंचे।

राजस्थान में जारी सियासी घमासान पर ब्रेक लगता नजर नहीं आ रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच जिस तरह की तानातानी चल रही है इसके लिए कांग्रेस सीधे तौर पर भाजपा को जिम्मेदार मान रही है।

एक के बाद एक लगातार चार ट्वीट कर बेनीवाल ने वसुंधरा राजे पर आरोप लगाया कि प्रदेश व देश की जनता वसुंधरा-गहलोत के आंतरिक गठजोड़ की कहानी को समझ चुकी है।

अब कांग्रेस पार्टी की टोंक ईकाई के 59 लोगों ने इस्तीफा दे दिया है। इन लोगों ने सचिन पायलट के खिलाफ हुई कार्रवाई के विरोध में इस्तीफा दिया है।

आश्चर्य की बात यह कि पायलट के मीडिया मैनेजर ने पायलट के लिए उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता के पद का इस्तेमाल किया है और उसने राज्य कांग्रेस अध्यक्ष पद का इस्तेमाल नहीं किया, जो अपने आप में प्रश्न खड़े करता है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पहले मीडिया को अपने आवास में बुलाया है, जहां पर विधायकों की संख्या का शक्ति प्रदर्शन किया गया। हालांकि इससे पहले भी अशोक गहलोत की ओर से लगातार 100 से अधिक विधायकों के समर्थन की बात कही जा रही थी।

राजस्थान में सियासी संग्राम के बीच राजधानी जयपुर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी कारोबारी राजीव अरोड़ा के घर पर आयकर विभाग ने छापा मारा है।

सचिन पायलट यहां कांग्रेस के लिए जीत तय करनेवाले विमान की मुख्य सीट पर बैठकर उसको चला रहे थे और सत्ता की मलाई खाने का जब वक्त आया तो पार्टी की तरफ से अशोक गहलोत को सामने लाकर खड़ा कर दिया।

सचिन पायलट के पुराने मित्र और कांग्रेस से भाजपा में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट कर कांग्रेस और अशोक गहलोत पर निशाना साधा है।