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हस्तरेखा ज्योतिष के अनुसार भाग्य रेखा बताती है कि व्यक्ति भाग्यशाली है या नहीं।लिखा तो सभी का भाग्य है बस हाथों की लकीरों से कुछ मदद ही मिल जाती है कि हम सही रास्ते पर हैं या नहीं हैं

माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिये इस दिन को बहुत ही शुभ माना जाता है।

शिवलिंग को कभी भी अंधेरे स्थान या बंद कमरे में नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से शिवलिंग नकारात्मक ऊर्जा उत्सर्जित करने लगता है, जिसके परिणाम भयावह हो सकते हैं।

गरीब कन्याओं को खुश किया जाए, उन्हें भोजन-कपड़े इत्यादि दान किए जाएं तो ऐसा करने से देवी प्रसन्न होकर अपने भक्तों पर अपार कृपा करती हैं।

मां भगवती सिद्धीदात्री को हर रोज भगवती का ध्यान करते हुए पीले पुष्प अर्पित करें। मोती चूर के लड्डूओं का भोग लगाएं ओर श्री विग्रह के सामने घी का दीपक जलाएं।

श्राद्ध में खीर बनाने के पीछे एक वजह ये है कि चावल को धर्म ग्रंथों में हविष्य अन्न कहा गया है यानी देवताओं का अन्न, जिसे अग्नि को अर्पित करने पर देवताओं सहित पितर भी तृप्त होते हैं।

श्राद्ध पक्ष को लेकर लोगों में यह गलत धारणा बनी हुई कि यह अशुभ समय होता है। इस दौरान कोई नई चीज नहीं खरीदनी चाहिए। इन दिनों नई चीज खरीदने से पितर नाराज होते हैं।

पितरों को प्रसन्न करने के लिए और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पितृ पक्ष का पालन किया जाता है. पितरों के खुश और सुखी रहने से परिवार में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती है।

जिन माता-पिता ने हमारी आयु, आरोग्यता तथा सुख सौभाग्य की अभिवृद्धि के लिए अनेक प्रयास किये, उनके ऋण से मुक्त न होने पर हमारा जन्म लेना निरर्थक होता है। इसे उतारने में कुछ अधिक खर्च भी नहीं होता।

यदि उक्त विधि को करना किसी के लिए संभव न हो, तब वह जल को पात्र में काले तिल डालकर दक्षिण दिशा की ओर मुँह करके तर्पण कर सकता है।