Ayodhya Ram Mandir

अयोध्या(Ayodhya) में मंदिर निर्माण(Ram Mandir) का कार्य आगे बढ़ रहा है। शुक्रवार को परीक्षण के लिए भूमि के नीचे सौ फुट गहराई तक का पहला स्तम्भ तैयार हो चुका है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (CM Uddhav thackeray) को अयोध्या के संतों की चेतावनी दी है। दरअसल महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) की कार्यप्रणाली से नाराज अयोध्या (Ayodhya) के संतों ने उद्धव ठाकरे के विरोध में बिगुल फूंक दिया है।

बता दें कि नींव खोदाई के लिए रिग नाम की मशीन बाहर से लाई जा रही है, जिससे 40 से 60 मीटर नीचे तक नींव खोदी जाएगी। इसके लिए विशेषज्ञों का दल अयोध्या(Ayodhya) पहुंच चुका है।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) 5 अगस्त को राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उन्होंने राम मंदिर की आधारशिला रखी थी।  

अयोध्या में विवादित स्थल पर जितने क्षेत्रफल 1400 गज में मस्जिद थी, उतने ही क्षेत्रफल में उसी आकार में नई जगह पर मस्जिद का निर्माण करवाया जाएगा।

विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान की राम मंदिर निर्माण पर की गई टिप्पणी पर कहा, 'हमने भारत के आंतरिक मामले में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान के बयान को देखा है। उसे भारत के मामलों में दखल देने और सांप्रदायिकता को शह देने से बचना चाहिए।'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पूर्व 28 साल पहले 1992 में पहली बार अयोध्या पहुंचे थे। तब वह भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्व में निकली तिरंगा यात्रा में उनके सहयोगी के तौर पर अयोध्या पहुंचे थे।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस से राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह के ट्वीट पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पलटवार करते हुए करारा जवाब दिया है।

उन्होंने शनिवार को कहा, "हिंदू समाज की आंतरिक शक्ति पर पूरा भरोसा है। जिस तरह से मंदिर निर्माण की अब तक सारी बाधाएं दूर हुईं हैं, उसी तरह से आगे भी कोई बाधा नहीं खड़ी होगी। हिंदू समाज सामथ्र्यवान और दानशील है। देश और समाज के संकल्प से राम मंदिर बनकर तैयार होगा।"

कार्ति ने राम मंदिर का विरोध करते हुए कहा कि भारत में किसी और नए पूजा स्थल की जरूरत नहीं है। उन्होंने ट्वीट कर यह बात कही। ट्वीट में उन्होंने पांच अगस्त को होने वाले राम मंदिर भूमिपूजन के समय को लेकर भी सवाल किया।